Correct Answer:
Option D - आंशिक पुनर्बलन से अभिप्राय कई सही अनुक्रियाओं के उपरान्त पुनर्बलन देने से है। यह सतत् पुनर्बलन की अपेक्षा अधिक प्रभावी होता है क्योंकि इसमें छात्र को किस अनुक्रिया पर पुनर्बलन मिलेगा इसका पता नहीं होता इससे वह प्रत्येक अनुक्रिया को तत्परता से करता है।
D. आंशिक पुनर्बलन से अभिप्राय कई सही अनुक्रियाओं के उपरान्त पुनर्बलन देने से है। यह सतत् पुनर्बलन की अपेक्षा अधिक प्रभावी होता है क्योंकि इसमें छात्र को किस अनुक्रिया पर पुनर्बलन मिलेगा इसका पता नहीं होता इससे वह प्रत्येक अनुक्रिया को तत्परता से करता है।