Correct Answer:
Option C - आरभटीवृति रौद्र और वीभत्स रसों में प्रयुक्त होती है। इस सम्बन्ध में एक पद्य दृष्टव्य है–
शृङ्गारे कौशिकी वीरे सात्त्वती आरभटी पुन:।
रसे रौद्रे च वीभत्से वृत्ति: सर्वत्र भारती ।।
C. आरभटीवृति रौद्र और वीभत्स रसों में प्रयुक्त होती है। इस सम्बन्ध में एक पद्य दृष्टव्य है–
शृङ्गारे कौशिकी वीरे सात्त्वती आरभटी पुन:।
रसे रौद्रे च वीभत्से वृत्ति: सर्वत्र भारती ।।
Explanations:
आरभटीवृति रौद्र और वीभत्स रसों में प्रयुक्त होती है। इस सम्बन्ध में एक पद्य दृष्टव्य है–
शृङ्गारे कौशिकी वीरे सात्त्वती आरभटी पुन:।
रसे रौद्रे च वीभत्से वृत्ति: सर्वत्र भारती ।।
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