search
Q: आर. मुथुकन्नमल को 2022 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। निम्नलिखित में से कौन-सा उनका योगदान है?
  • A. भारत की नीली क्रांति को शक्ति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना
  • B. ओडिशा के गरीब और पिछड़े समुदायों के साथ काम करना
  • C. भरतनाट्यम की प्रारंभिक नृत्य शैली का संरक्षक होना
  • D. भारतीय समाज के अध्ययन में विशेषज्ञता
Correct Answer: Option C - आर. मुथुकन्नमल भारत की प्रसिद्ध सधिर नृत्यांगना है, जिन्हें 2022 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सधिर नृत्य जिसे बाद में भरतनाट्यम के रूप में जान जाने लगा, तमिलनाडु के मंदिरों में प्रचलित एक पारंपरिक नृत्य शैली है। सधिर नृत्य प्राचीन तमिलनाडु में देवदासी परंपरा से जुड़ा हुआ था। यह नृत्य मंदिरों में शक्ति सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का माध्यम था बाद में इसे भरतनाट्यम के रूप में विकसित किया गया।
C. आर. मुथुकन्नमल भारत की प्रसिद्ध सधिर नृत्यांगना है, जिन्हें 2022 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सधिर नृत्य जिसे बाद में भरतनाट्यम के रूप में जान जाने लगा, तमिलनाडु के मंदिरों में प्रचलित एक पारंपरिक नृत्य शैली है। सधिर नृत्य प्राचीन तमिलनाडु में देवदासी परंपरा से जुड़ा हुआ था। यह नृत्य मंदिरों में शक्ति सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का माध्यम था बाद में इसे भरतनाट्यम के रूप में विकसित किया गया।

Explanations:

आर. मुथुकन्नमल भारत की प्रसिद्ध सधिर नृत्यांगना है, जिन्हें 2022 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सधिर नृत्य जिसे बाद में भरतनाट्यम के रूप में जान जाने लगा, तमिलनाडु के मंदिरों में प्रचलित एक पारंपरिक नृत्य शैली है। सधिर नृत्य प्राचीन तमिलनाडु में देवदासी परंपरा से जुड़ा हुआ था। यह नृत्य मंदिरों में शक्ति सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का माध्यम था बाद में इसे भरतनाट्यम के रूप में विकसित किया गया।