search
Q: आचार्य शंकुक द्वारा रस निष्पत्ति की व्याख्या का स्वरूप है–
  • A. अभिव्यक्तिवादी
  • B. अनुमतिवादी
  • C. उत्पत्तिवादी
  • D. इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - आचार्य शंकुक द्वारा रस की व्याख्या का स्वरूप अनुमतिवादी है। आचार्य शंकुक ने रससूत्र की व्याख्या अनुमान प्रमाण के आधार पर की है। इसीलिए उनके मत को अनुमतिवाद कहा जाता है।
B. आचार्य शंकुक द्वारा रस की व्याख्या का स्वरूप अनुमतिवादी है। आचार्य शंकुक ने रससूत्र की व्याख्या अनुमान प्रमाण के आधार पर की है। इसीलिए उनके मत को अनुमतिवाद कहा जाता है।

Explanations:

आचार्य शंकुक द्वारा रस की व्याख्या का स्वरूप अनुमतिवादी है। आचार्य शंकुक ने रससूत्र की व्याख्या अनुमान प्रमाण के आधार पर की है। इसीलिए उनके मत को अनुमतिवाद कहा जाता है।