Correct Answer:
Option D - आचार्य भरत ने रसों की संख्या आठ बतायी है। ये निम्न हैं।
रस - स्थायी भाव रस - स्थायी भाव
शृृंगार - रति हास्य - हास
करुण - शोक रौद्र - क्रोध
वीर - उत्साह भयानक - भय
विभत्स - जुगुत्सा/घृणा अद्भुत - आश्चर्य/विस्मय
D. आचार्य भरत ने रसों की संख्या आठ बतायी है। ये निम्न हैं।
रस - स्थायी भाव रस - स्थायी भाव
शृृंगार - रति हास्य - हास
करुण - शोक रौद्र - क्रोध
वीर - उत्साह भयानक - भय
विभत्स - जुगुत्सा/घृणा अद्भुत - आश्चर्य/विस्मय