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Q: जैन चित्रकला कहलाती है :
  • A. भित्ति चित्र
  • B. पोथी चित्र
  • C. लघु चित्र
  • D. पट चित्र
Correct Answer: Option B - श्वेताम्बर जैन धर्म की अनेक सचित्र पोथियाँ 1100 ई.─1500 ई. के मध्य विशेष रूप से लिखी गयी। इस प्रकार की चित्रित पोथियों से भविष्य की कला शैली की एक आधार शिला तैयार होने लगी थी। इस कारण इस कला धारा का ऐतिहासिक महत्व है।
B. श्वेताम्बर जैन धर्म की अनेक सचित्र पोथियाँ 1100 ई.─1500 ई. के मध्य विशेष रूप से लिखी गयी। इस प्रकार की चित्रित पोथियों से भविष्य की कला शैली की एक आधार शिला तैयार होने लगी थी। इस कारण इस कला धारा का ऐतिहासिक महत्व है।

Explanations:

श्वेताम्बर जैन धर्म की अनेक सचित्र पोथियाँ 1100 ई.─1500 ई. के मध्य विशेष रूप से लिखी गयी। इस प्रकार की चित्रित पोथियों से भविष्य की कला शैली की एक आधार शिला तैयार होने लगी थी। इस कारण इस कला धारा का ऐतिहासिक महत्व है।