Correct Answer:
Option A - तरल (Fluids)–तरल वे पदार्थ है जो सामान्य तापमान पर बहने (Flow) की क्षमता रखते हैं और अपना आकार स्वयं निश्चित नहीं रख पाते, जिस बर्तन में उन्हें रखा जाता है उसी का आकार धारण कर लेते हैं। तरल पदार्थ पर थोड़े से ही कर्तन बल लगने पर तरल का तब तक लगातार विरुपण (Deformation) होता जाता है जब तक कि यह बल हटा न लिया जाये। जबकि ठोस पदार्थ के अणु परस्पर बहुत निकट होते हैं और आपस में अधिक आकर्षण बल के कारण दृढ़ता से बँधे रहते हैं जिससे ठोस पदार्थ पर्याप्त मान के तनाव, संपीडन तथा कर्तन (Shear) बलों को सहन कर सकते हैं।
A. तरल (Fluids)–तरल वे पदार्थ है जो सामान्य तापमान पर बहने (Flow) की क्षमता रखते हैं और अपना आकार स्वयं निश्चित नहीं रख पाते, जिस बर्तन में उन्हें रखा जाता है उसी का आकार धारण कर लेते हैं। तरल पदार्थ पर थोड़े से ही कर्तन बल लगने पर तरल का तब तक लगातार विरुपण (Deformation) होता जाता है जब तक कि यह बल हटा न लिया जाये। जबकि ठोस पदार्थ के अणु परस्पर बहुत निकट होते हैं और आपस में अधिक आकर्षण बल के कारण दृढ़ता से बँधे रहते हैं जिससे ठोस पदार्थ पर्याप्त मान के तनाव, संपीडन तथा कर्तन (Shear) बलों को सहन कर सकते हैं।