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Q: A structural system, which can be analysed by using equations of statical equilibrium only, is called : एक संरचनात्मक प्रणाली, जिसका विश्लेषण केवल स्थैतिक संतुलन के समीकरणो का उपयोग करके किया जाता है कहलाती है-
  • A. Statically determinate structure स्थैतिक रूप से निर्धारित संरचना
  • B. Statically indeterminate structure स्थैतिक रूप से अनिर्धारिता संरचना
  • C. Unstatically determinate structure अस्थैतिक रूप से निर्धारित संरचना
  • D. None of these /इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - स्थैतिक निर्धार्य संरचना (Statically determinate structure)–– जिन संरचनाओं का विश्लेषण सामान्य नियमों की सहायता से किया जा सकता है, स्थैतिक निर्धार्य संरचनाएँ कहलाती है। जैसे– शुद्धालम्बित धरन, कैन्टीलीवर धरन 3- हिंज डाट, एकल या दोहरे ओवर हैंगिंग धरन, इत्यादि। स्थैतिक अनिर्धार्य संरचना (Statically Indeterminate structure)– जिन संरचनाओं का विश्लेषण सामान्य नियमों की सहायता से नहीं किया जा सकता है, स्थैतिक अनिर्धार्य संरचनाएँ कहलाती हैं। जैसे– प्रोप्ड कैंटीलीवर धरन, आबद्ध धरन, 2-हिंज डाट, आबद्ध डाट, बहुमंजिला फ्रेम, सतत् धरन इत्यादि।
A. स्थैतिक निर्धार्य संरचना (Statically determinate structure)–– जिन संरचनाओं का विश्लेषण सामान्य नियमों की सहायता से किया जा सकता है, स्थैतिक निर्धार्य संरचनाएँ कहलाती है। जैसे– शुद्धालम्बित धरन, कैन्टीलीवर धरन 3- हिंज डाट, एकल या दोहरे ओवर हैंगिंग धरन, इत्यादि। स्थैतिक अनिर्धार्य संरचना (Statically Indeterminate structure)– जिन संरचनाओं का विश्लेषण सामान्य नियमों की सहायता से नहीं किया जा सकता है, स्थैतिक अनिर्धार्य संरचनाएँ कहलाती हैं। जैसे– प्रोप्ड कैंटीलीवर धरन, आबद्ध धरन, 2-हिंज डाट, आबद्ध डाट, बहुमंजिला फ्रेम, सतत् धरन इत्यादि।

Explanations:

स्थैतिक निर्धार्य संरचना (Statically determinate structure)–– जिन संरचनाओं का विश्लेषण सामान्य नियमों की सहायता से किया जा सकता है, स्थैतिक निर्धार्य संरचनाएँ कहलाती है। जैसे– शुद्धालम्बित धरन, कैन्टीलीवर धरन 3- हिंज डाट, एकल या दोहरे ओवर हैंगिंग धरन, इत्यादि। स्थैतिक अनिर्धार्य संरचना (Statically Indeterminate structure)– जिन संरचनाओं का विश्लेषण सामान्य नियमों की सहायता से नहीं किया जा सकता है, स्थैतिक अनिर्धार्य संरचनाएँ कहलाती हैं। जैसे– प्रोप्ड कैंटीलीवर धरन, आबद्ध धरन, 2-हिंज डाट, आबद्ध डाट, बहुमंजिला फ्रेम, सतत् धरन इत्यादि।