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Q: परिरक्षक (प्रीजरवेटिव) जो रंगीन फल स्कवैश मेें डाला जाता है:
  • A. बेन्जोइक एसिड
  • B. सॉरबिक एसिड
  • C. सोडियम मेटा बाई सल्फेट
  • D. सोडियम बेन्जोएट
Correct Answer: Option D - परिरक्षक जो रंगीन फल स्कवैश में सोडियम बेन्जोएट डाला जाता है। वर्तमान में फलों का संग्रहण एवं परिरक्षण का प्रचलन काफी बढ़ गया है। परिरक्षित भोज्य पदार्थ जैसे- जैम, जैली, मुरब्बा, स्कवैश, आचार आदि काफी लोकप्रिय है। फलों में कम मात्रा O₂ (2-2.5%) तथा अधिक मात्रा में CO₂ (4.5-5.5%) उपस्थित रहने से भी फलों के सड़ने की क्रिया धीमी एवं मंद हो जाती है तथा फल लम्बे समय तक सुरक्षित रूप से संग्रहीत रहते है। किसी भी फल के रस को उसका स्कवैश (Squash) बनाकर संरक्षित किया जा सकता है। स्क्वैश को टिकाऊ बनाने के लिए संरक्षक पदार्थ मिलाना भी जरूरी होता है। संतरा, नीबू, लीची, आम, अनानास आदि प्राकृतिक रंग वाले स्क्वैश में पौटेशियम मेटाबाई सल्फाइड मिलाना चाहिए तथा जामुन, अनार, फालसा आदि के स्क्वैश में सोडियम बेंजोएट मिलाना चाहिए।
D. परिरक्षक जो रंगीन फल स्कवैश में सोडियम बेन्जोएट डाला जाता है। वर्तमान में फलों का संग्रहण एवं परिरक्षण का प्रचलन काफी बढ़ गया है। परिरक्षित भोज्य पदार्थ जैसे- जैम, जैली, मुरब्बा, स्कवैश, आचार आदि काफी लोकप्रिय है। फलों में कम मात्रा O₂ (2-2.5%) तथा अधिक मात्रा में CO₂ (4.5-5.5%) उपस्थित रहने से भी फलों के सड़ने की क्रिया धीमी एवं मंद हो जाती है तथा फल लम्बे समय तक सुरक्षित रूप से संग्रहीत रहते है। किसी भी फल के रस को उसका स्कवैश (Squash) बनाकर संरक्षित किया जा सकता है। स्क्वैश को टिकाऊ बनाने के लिए संरक्षक पदार्थ मिलाना भी जरूरी होता है। संतरा, नीबू, लीची, आम, अनानास आदि प्राकृतिक रंग वाले स्क्वैश में पौटेशियम मेटाबाई सल्फाइड मिलाना चाहिए तथा जामुन, अनार, फालसा आदि के स्क्वैश में सोडियम बेंजोएट मिलाना चाहिए।

Explanations:

परिरक्षक जो रंगीन फल स्कवैश में सोडियम बेन्जोएट डाला जाता है। वर्तमान में फलों का संग्रहण एवं परिरक्षण का प्रचलन काफी बढ़ गया है। परिरक्षित भोज्य पदार्थ जैसे- जैम, जैली, मुरब्बा, स्कवैश, आचार आदि काफी लोकप्रिय है। फलों में कम मात्रा O₂ (2-2.5%) तथा अधिक मात्रा में CO₂ (4.5-5.5%) उपस्थित रहने से भी फलों के सड़ने की क्रिया धीमी एवं मंद हो जाती है तथा फल लम्बे समय तक सुरक्षित रूप से संग्रहीत रहते है। किसी भी फल के रस को उसका स्कवैश (Squash) बनाकर संरक्षित किया जा सकता है। स्क्वैश को टिकाऊ बनाने के लिए संरक्षक पदार्थ मिलाना भी जरूरी होता है। संतरा, नीबू, लीची, आम, अनानास आदि प्राकृतिक रंग वाले स्क्वैश में पौटेशियम मेटाबाई सल्फाइड मिलाना चाहिए तथा जामुन, अनार, फालसा आदि के स्क्वैश में सोडियम बेंजोएट मिलाना चाहिए।