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Q: A person of height 2 m stands in front of a plane mirror. What must be the minimum vertical height of the mirror so he can see his full image?/लम्बाई 2 मी. वाला एक व्यक्ति समतल दर्पण के सम्मुख खड़ा है। दर्पण की न्यूनतम ऊध्र्वाधर ऊँचाई कितनी होनी चाहिये कि वह अपना पूर्ण प्रतिबिम्ब देख सके?
  • A. 2 m/2 मी.
  • B. 1 m/1 मी.
  • C. 0.5 m/0.5 मी.
  • D. 0.25 m/0.25 मी.
Correct Answer: Option B - किसी वस्तु का समतल दर्पण मे पूर्ण प्रतिबिम्ब देखने के लिए दर्पण की लम्बाई वस्तु की लम्बाई की आधी होनी चाहिए अतः 2 मी़ लम्बाई वाले व्यक्ति को समतल दर्पण में पूर्ण प्रतिबिम्ब देखने के लिए 1 मी़ ऊचाई वाली दर्पण की आवश्यकता होगी। समतल दर्पण मे किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनती है जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के आगे रखी होती है समतल दर्पण मे प्रतिबिम्ब काल्पनिक वस्तु के बराबर एवं पार्श्व उल्टा बनता है।
B. किसी वस्तु का समतल दर्पण मे पूर्ण प्रतिबिम्ब देखने के लिए दर्पण की लम्बाई वस्तु की लम्बाई की आधी होनी चाहिए अतः 2 मी़ लम्बाई वाले व्यक्ति को समतल दर्पण में पूर्ण प्रतिबिम्ब देखने के लिए 1 मी़ ऊचाई वाली दर्पण की आवश्यकता होगी। समतल दर्पण मे किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनती है जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के आगे रखी होती है समतल दर्पण मे प्रतिबिम्ब काल्पनिक वस्तु के बराबर एवं पार्श्व उल्टा बनता है।

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किसी वस्तु का समतल दर्पण मे पूर्ण प्रतिबिम्ब देखने के लिए दर्पण की लम्बाई वस्तु की लम्बाई की आधी होनी चाहिए अतः 2 मी़ लम्बाई वाले व्यक्ति को समतल दर्पण में पूर्ण प्रतिबिम्ब देखने के लिए 1 मी़ ऊचाई वाली दर्पण की आवश्यकता होगी। समतल दर्पण मे किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनती है जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के आगे रखी होती है समतल दर्पण मे प्रतिबिम्ब काल्पनिक वस्तु के बराबर एवं पार्श्व उल्टा बनता है।