Correct Answer:
Option A - साझेदारी का अस्तित्व मात्र एक अनुबंध/सहमति द्वारा हो जाता है। यह अनुबंध लिखित अथवा मौखिक दोनों ही स्वरूपों में हो सकता है। साझेदारी फर्म का पंजीयन आवश्यक नहीं है तथा यह साझेदारों के बीच आपसी सहमति से ही अस्तित्व में आ जाती है।
A. साझेदारी का अस्तित्व मात्र एक अनुबंध/सहमति द्वारा हो जाता है। यह अनुबंध लिखित अथवा मौखिक दोनों ही स्वरूपों में हो सकता है। साझेदारी फर्म का पंजीयन आवश्यक नहीं है तथा यह साझेदारों के बीच आपसी सहमति से ही अस्तित्व में आ जाती है।