Correct Answer:
Option B - निकटदृष्टि दोष आँख का दोष है जिसमें निकट की चीजें तो साफ-साफ दिखती हैं किन्तु दूर की चीजें नहीं। आँखों में यह दोष उत्पन्न होने पर प्रकाश की समान्तर किरणपुंज आँख द्वारा अपवर्तन के बाद रेटिना के पहले प्रतिबिम्ब बना देता है (न कि रेटिना पर)। इस कारण दूर की वस्तुओं का प्रतिबिम्ब स्पष्ट नहीं बनती है और चीजें धुंधली दिखती हैं। जिन लोगों को 2 मीटर या 6.6 फीट की दूरी के बाद चीजें धुँधली दिखती है, उन्हें मायोपिया का शिकार माना जाता है। इस दोष को दूर करने के लिये अवतल लेन्स का उपयोग किया जाता है।
B. निकटदृष्टि दोष आँख का दोष है जिसमें निकट की चीजें तो साफ-साफ दिखती हैं किन्तु दूर की चीजें नहीं। आँखों में यह दोष उत्पन्न होने पर प्रकाश की समान्तर किरणपुंज आँख द्वारा अपवर्तन के बाद रेटिना के पहले प्रतिबिम्ब बना देता है (न कि रेटिना पर)। इस कारण दूर की वस्तुओं का प्रतिबिम्ब स्पष्ट नहीं बनती है और चीजें धुंधली दिखती हैं। जिन लोगों को 2 मीटर या 6.6 फीट की दूरी के बाद चीजें धुँधली दिखती है, उन्हें मायोपिया का शिकार माना जाता है। इस दोष को दूर करने के लिये अवतल लेन्स का उपयोग किया जाता है।