Correct Answer:
Option C - जहाँ छन्द में सभी चरण समान होते हैं उसे सममात्रिक छन्द कहते हैं। जहाँ प्रथम और तृतीय चरणों में एवं द्वितीय व चतुर्थ चरणों में वर्णो या मात्राओं की समानता होती है, वहाँ अर्धसम-मात्रिक छन्द होता है। जहाँ चारों चरणों में वर्णो की संख्या और मात्राओं में असमानता होती है, वहाँ विषममात्रिक छन्द प्रयुक्त होता है। जिन छन्दों की पहचान केवल मात्राओं के आधार पर की जाती है, वे मात्रिक छन्द होते हैं।
C. जहाँ छन्द में सभी चरण समान होते हैं उसे सममात्रिक छन्द कहते हैं। जहाँ प्रथम और तृतीय चरणों में एवं द्वितीय व चतुर्थ चरणों में वर्णो या मात्राओं की समानता होती है, वहाँ अर्धसम-मात्रिक छन्द होता है। जहाँ चारों चरणों में वर्णो की संख्या और मात्राओं में असमानता होती है, वहाँ विषममात्रिक छन्द प्रयुक्त होता है। जिन छन्दों की पहचान केवल मात्राओं के आधार पर की जाती है, वे मात्रिक छन्द होते हैं।