Correct Answer:
Option C - जे.एस. मिल का मानना था कि लोकतांत्रिक समाजों को स्वतंत्रता के सिद्धांत का पालन करना चाहिये। उनके अनुसार, इससे राजनीतिक और सामाजिक संस्थान राष्ट्रीय चरित्र को आकार दे सकते हैं। मिल के मुताबिक, अगर बहुसंख्यक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करते हैं तो इससे लोकतंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने यह समाधान दिया कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता की कानूनी रूप से बाध्यकारी सुरक्षा होनी चाहिये, और यह बाध्यता केवल आत्म-संरक्षण के मामले में होगी। क्योंकि, व्यक्तिगत स्वतंत्रता को यदि अधिकतम कर दिया जाये, तो हमेशा नहीं, बल्कि कभी-कभी सामाजिक सुरक्षा में कमी आ सकती है।
C. जे.एस. मिल का मानना था कि लोकतांत्रिक समाजों को स्वतंत्रता के सिद्धांत का पालन करना चाहिये। उनके अनुसार, इससे राजनीतिक और सामाजिक संस्थान राष्ट्रीय चरित्र को आकार दे सकते हैं। मिल के मुताबिक, अगर बहुसंख्यक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करते हैं तो इससे लोकतंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने यह समाधान दिया कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता की कानूनी रूप से बाध्यकारी सुरक्षा होनी चाहिये, और यह बाध्यता केवल आत्म-संरक्षण के मामले में होगी। क्योंकि, व्यक्तिगत स्वतंत्रता को यदि अधिकतम कर दिया जाये, तो हमेशा नहीं, बल्कि कभी-कभी सामाजिक सुरक्षा में कमी आ सकती है।