Correct Answer:
Option D - ग्रिलेज नीव सामान्यत: इस्पात स्थूणको व स्तम्भों के लिए बनायी जाती है स्तम्भ अथवा थमलों पर भारी संरचनात्मक भार आने तथा मृदा की धारण क्षमता कम होने की स्थिति में ग्रिलेज नींव बनाया जाता है इस प्रकार की नींव में अधिकतम कर्तन बल आधार प्लेट के केन्ड ग्रिलेज धरन के किनारों पर उत्पन्न होता है।
D. ग्रिलेज नीव सामान्यत: इस्पात स्थूणको व स्तम्भों के लिए बनायी जाती है स्तम्भ अथवा थमलों पर भारी संरचनात्मक भार आने तथा मृदा की धारण क्षमता कम होने की स्थिति में ग्रिलेज नींव बनाया जाता है इस प्रकार की नींव में अधिकतम कर्तन बल आधार प्लेट के केन्ड ग्रिलेज धरन के किनारों पर उत्पन्न होता है।