Correct Answer:
Option A - यदि कंपनी दवालियां हो गई हैं और इसकी देनदारियां इसकी परिसंपत्ति से अधिक है तो शेयर धारक को कोई भुकतान नहीं करना होगा क्योंकि अलग इकाई अवधारणा (Seperate entity concept) के अनुसार व्यवसाय तथा व्यवसाय का मलिक दो अलग-अलग इकाई हैं और कंपनी के दायित्व को केवल कंपनी की संपत्ति बेचकर ही चुकाई जाऐगी उसके स्वामी (अर्थात् शेयर धारक) से उसका कोई संबंध नहीं है।
A. यदि कंपनी दवालियां हो गई हैं और इसकी देनदारियां इसकी परिसंपत्ति से अधिक है तो शेयर धारक को कोई भुकतान नहीं करना होगा क्योंकि अलग इकाई अवधारणा (Seperate entity concept) के अनुसार व्यवसाय तथा व्यवसाय का मलिक दो अलग-अलग इकाई हैं और कंपनी के दायित्व को केवल कंपनी की संपत्ति बेचकर ही चुकाई जाऐगी उसके स्वामी (अर्थात् शेयर धारक) से उसका कोई संबंध नहीं है।