Correct Answer:
Option B - नेत्रदान में दाता की आँख के कार्निया भाग को प्रतिरोपित किया जाता है। यह आँख की सबसे बाहरी पारदर्शी परत होती है, जो आँख के अग्रभाग में मौजूद होती है। इसका कार्य आँखों में प्रवेश करने वाले प्रकाश को अपवर्तित करना है तथा आँख के फोकसिंग कार्य और ऑप्टिकल शक्ति के लिए जिम्मेदार है।
B. नेत्रदान में दाता की आँख के कार्निया भाग को प्रतिरोपित किया जाता है। यह आँख की सबसे बाहरी पारदर्शी परत होती है, जो आँख के अग्रभाग में मौजूद होती है। इसका कार्य आँखों में प्रवेश करने वाले प्रकाश को अपवर्तित करना है तथा आँख के फोकसिंग कार्य और ऑप्टिकल शक्ति के लिए जिम्मेदार है।