Correct Answer:
Option D - 19वीं सदी में, भारत में आर्थिक विकास की कमी के लिए निम्नलिखित कारण जिम्मेवार थे– आधिकारिक तौर पर ब्रिटिश सरकार अहस्तक्षेप की नीति से वचनबद्ध थी जो कि एक विभेदात्मक हस्तक्षेप की नीति थी। यूरोपीय उद्यमियों के सम्बंध बैंकों और एजेंसी घरों के साथ थे, परन्तु भारतीयों को स्वजन, परिवार एवं जाति के लोगों पर निर्भर रहना पड़ता था। जब बागानों का अंतरण व्यक्तिगत पूँजीपति के स्वामित्व में किया गया, तब देशीय निवेशकों की जानबूझकर उपेक्षा की गयी।
D. 19वीं सदी में, भारत में आर्थिक विकास की कमी के लिए निम्नलिखित कारण जिम्मेवार थे– आधिकारिक तौर पर ब्रिटिश सरकार अहस्तक्षेप की नीति से वचनबद्ध थी जो कि एक विभेदात्मक हस्तक्षेप की नीति थी। यूरोपीय उद्यमियों के सम्बंध बैंकों और एजेंसी घरों के साथ थे, परन्तु भारतीयों को स्वजन, परिवार एवं जाति के लोगों पर निर्भर रहना पड़ता था। जब बागानों का अंतरण व्यक्तिगत पूँजीपति के स्वामित्व में किया गया, तब देशीय निवेशकों की जानबूझकर उपेक्षा की गयी।