Correct Answer:
Option B - वास्कोडिगामा एक पुर्तगाली नाविक था जिसने वर्ष 1498 में भारत और यूरोप के मध्य एक नये समुद्री मार्ग की खोज की थी। वास्कोडिगामा अब्दुल मजीद नामक गुजराती पथ प्रदर्शक की सहायता से 17 मई 1498 ई. को केरल के कोझिकोड जिले के कालीकट (काप्पड़) पहुँचा। कालीकट के तत्कालीन शासक ‘जमोरिन’ ने वास्कोडिगामा का स्वागत किया। उसने पुर्तगाली नाविक बारटोलोमीयु डियाज द्वारा 1488 में खोजे गये आशा अंतरिप (Cape of good hope) के रास्ते भारत का मार्ग खोजा। इससे पूर्व वेटिकन और अरब के व्यापारियों द्वारा यूरोप से भारत जाने के लिए भूमध्य सागर से होते हुए अरब सागर का मार्ग चुना जाता था। भारत में पुर्तगाली औपनिवेशिक युग का प्रारंभ 1502 ई. में हुआ तथा 1510 में गोवा पुर्तगाली साम्राज्य की राजधानी बना।
B. वास्कोडिगामा एक पुर्तगाली नाविक था जिसने वर्ष 1498 में भारत और यूरोप के मध्य एक नये समुद्री मार्ग की खोज की थी। वास्कोडिगामा अब्दुल मजीद नामक गुजराती पथ प्रदर्शक की सहायता से 17 मई 1498 ई. को केरल के कोझिकोड जिले के कालीकट (काप्पड़) पहुँचा। कालीकट के तत्कालीन शासक ‘जमोरिन’ ने वास्कोडिगामा का स्वागत किया। उसने पुर्तगाली नाविक बारटोलोमीयु डियाज द्वारा 1488 में खोजे गये आशा अंतरिप (Cape of good hope) के रास्ते भारत का मार्ग खोजा। इससे पूर्व वेटिकन और अरब के व्यापारियों द्वारा यूरोप से भारत जाने के लिए भूमध्य सागर से होते हुए अरब सागर का मार्ग चुना जाता था। भारत में पुर्तगाली औपनिवेशिक युग का प्रारंभ 1502 ई. में हुआ तथा 1510 में गोवा पुर्तगाली साम्राज्य की राजधानी बना।