search
Q: .
  • A. शंकराचार्य
  • B. कालिदास
  • C. स्वामी विवेकानन्द
  • D. स्वामी दयानन्द सरस्वती
Correct Answer: Option A - मध्ययुगीन भारत में भक्ति आन्दोलन के प्रमुख अगुवाकारों में एक शंकराचार्य जी थे। इनके द्वारा प्रतिपादित दार्शनिक परम्परा को अद्वैतवाद कहा जाता है। इस काल में सामाजिक-धार्मिक सुधारकों द्वारा समाज में विभिन्न तरह से भगवान की भक्ति का प्रचार-प्रसार किया गया।
A. मध्ययुगीन भारत में भक्ति आन्दोलन के प्रमुख अगुवाकारों में एक शंकराचार्य जी थे। इनके द्वारा प्रतिपादित दार्शनिक परम्परा को अद्वैतवाद कहा जाता है। इस काल में सामाजिक-धार्मिक सुधारकों द्वारा समाज में विभिन्न तरह से भगवान की भक्ति का प्रचार-प्रसार किया गया।

Explanations:

मध्ययुगीन भारत में भक्ति आन्दोलन के प्रमुख अगुवाकारों में एक शंकराचार्य जी थे। इनके द्वारा प्रतिपादित दार्शनिक परम्परा को अद्वैतवाद कहा जाता है। इस काल में सामाजिक-धार्मिक सुधारकों द्वारा समाज में विभिन्न तरह से भगवान की भक्ति का प्रचार-प्रसार किया गया।