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  • A. A, B, D
  • B. A, C, D
  • C. D, B, E
  • D. C, A, B
Correct Answer: Option A - दिये गये युग्मों में से सही युग्मों के कथन एवं उनके उपन्यास इस प्रकार हैं- (1) याद रखो, सूरज सारी दुनिया, लोक-परलोक, ऊपर थल्ले में, धरती आकाश में सबसे बड़ा है – जिंदगीनामा (2) तिरस्कार-भरी आँखों से देखकर कहा – मुझे लाकर यहाँ बैठा दिया गया। आप परदेश की राह ली – गोदान (3) जब एक बार धुरी गड़बड़ा जाती है तो फिर जिंदगी लड़खड़ा ही जाती है – आपका बंटी अन्य युग्मों में दिये गए कथन एवं उपन्यास सुमेलित नहीं हैं। • कृष्णा सोबती द्वारा रचित ‘जिन्दगीनामा’ (1979 ई.) उपन्यास में पंजाब की साझा संस्कृति, पारिवारिक – सामाजिक मानवीय संबंधों, आपसी प्रेम और पारस्परिक राग-विराग को अधिक महत्व दिया गया है। मित्रोमरजानी (1967 ई.), समय सरगम (2000 ई.) कृष्णो सोबती द्वारा रचित अन्य प्रमुख उपन्यास हैं। • ‘गोदान’ (1936 ई.) मुंशी प्रेमचन्द द्वारा रचित औपनिवेशिक शासन के अन्तर्गत किसानों का महाजनी व्यवस्था में चलने वाले निरंतर शोषण तथा उससे उत्पन्न संत्रास की कथा है। प्रेमा (1907), सेवासदन (1918), वरदान (1921), प्रेमाश्रय (1922), रंगभूमि (1925), कायाकल्प (1926), निर्मला (1927), गबन (1931), कर्मभूमि (1932) प्रेमचंद द्वारा रचित अन्य उपन्यास हैं। • ‘आपका बंटी’ (1971 ई.) उपन्यास प्रसिद्ध लेखिका मन्नू भण्डारी द्वारा रचित है। इस उपन्यास में एक तलाकशुदा दंपत्ति के तनावपूर्ण सम्बन्धों के बीच में एक बच्चा किस प्रकार पिसता है, उसकी मन: स्थिति का बहुत मार्मिक चित्रण किया गया है। इनके द्वारा रचित एक अन्य प्रमुख उपन्यास महाभोज (1979ई.) है। ‘राग दरबारी’ (1968 ई.) श्रीलाल शुक्ल का तथा ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ (1946 ई.) हजारी प्रसाद द्विवेदी का उपन्यास है।
A. दिये गये युग्मों में से सही युग्मों के कथन एवं उनके उपन्यास इस प्रकार हैं- (1) याद रखो, सूरज सारी दुनिया, लोक-परलोक, ऊपर थल्ले में, धरती आकाश में सबसे बड़ा है – जिंदगीनामा (2) तिरस्कार-भरी आँखों से देखकर कहा – मुझे लाकर यहाँ बैठा दिया गया। आप परदेश की राह ली – गोदान (3) जब एक बार धुरी गड़बड़ा जाती है तो फिर जिंदगी लड़खड़ा ही जाती है – आपका बंटी अन्य युग्मों में दिये गए कथन एवं उपन्यास सुमेलित नहीं हैं। • कृष्णा सोबती द्वारा रचित ‘जिन्दगीनामा’ (1979 ई.) उपन्यास में पंजाब की साझा संस्कृति, पारिवारिक – सामाजिक मानवीय संबंधों, आपसी प्रेम और पारस्परिक राग-विराग को अधिक महत्व दिया गया है। मित्रोमरजानी (1967 ई.), समय सरगम (2000 ई.) कृष्णो सोबती द्वारा रचित अन्य प्रमुख उपन्यास हैं। • ‘गोदान’ (1936 ई.) मुंशी प्रेमचन्द द्वारा रचित औपनिवेशिक शासन के अन्तर्गत किसानों का महाजनी व्यवस्था में चलने वाले निरंतर शोषण तथा उससे उत्पन्न संत्रास की कथा है। प्रेमा (1907), सेवासदन (1918), वरदान (1921), प्रेमाश्रय (1922), रंगभूमि (1925), कायाकल्प (1926), निर्मला (1927), गबन (1931), कर्मभूमि (1932) प्रेमचंद द्वारा रचित अन्य उपन्यास हैं। • ‘आपका बंटी’ (1971 ई.) उपन्यास प्रसिद्ध लेखिका मन्नू भण्डारी द्वारा रचित है। इस उपन्यास में एक तलाकशुदा दंपत्ति के तनावपूर्ण सम्बन्धों के बीच में एक बच्चा किस प्रकार पिसता है, उसकी मन: स्थिति का बहुत मार्मिक चित्रण किया गया है। इनके द्वारा रचित एक अन्य प्रमुख उपन्यास महाभोज (1979ई.) है। ‘राग दरबारी’ (1968 ई.) श्रीलाल शुक्ल का तथा ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ (1946 ई.) हजारी प्रसाद द्विवेदी का उपन्यास है।

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दिये गये युग्मों में से सही युग्मों के कथन एवं उनके उपन्यास इस प्रकार हैं- (1) याद रखो, सूरज सारी दुनिया, लोक-परलोक, ऊपर थल्ले में, धरती आकाश में सबसे बड़ा है – जिंदगीनामा (2) तिरस्कार-भरी आँखों से देखकर कहा – मुझे लाकर यहाँ बैठा दिया गया। आप परदेश की राह ली – गोदान (3) जब एक बार धुरी गड़बड़ा जाती है तो फिर जिंदगी लड़खड़ा ही जाती है – आपका बंटी अन्य युग्मों में दिये गए कथन एवं उपन्यास सुमेलित नहीं हैं। • कृष्णा सोबती द्वारा रचित ‘जिन्दगीनामा’ (1979 ई.) उपन्यास में पंजाब की साझा संस्कृति, पारिवारिक – सामाजिक मानवीय संबंधों, आपसी प्रेम और पारस्परिक राग-विराग को अधिक महत्व दिया गया है। मित्रोमरजानी (1967 ई.), समय सरगम (2000 ई.) कृष्णो सोबती द्वारा रचित अन्य प्रमुख उपन्यास हैं। • ‘गोदान’ (1936 ई.) मुंशी प्रेमचन्द द्वारा रचित औपनिवेशिक शासन के अन्तर्गत किसानों का महाजनी व्यवस्था में चलने वाले निरंतर शोषण तथा उससे उत्पन्न संत्रास की कथा है। प्रेमा (1907), सेवासदन (1918), वरदान (1921), प्रेमाश्रय (1922), रंगभूमि (1925), कायाकल्प (1926), निर्मला (1927), गबन (1931), कर्मभूमि (1932) प्रेमचंद द्वारा रचित अन्य उपन्यास हैं। • ‘आपका बंटी’ (1971 ई.) उपन्यास प्रसिद्ध लेखिका मन्नू भण्डारी द्वारा रचित है। इस उपन्यास में एक तलाकशुदा दंपत्ति के तनावपूर्ण सम्बन्धों के बीच में एक बच्चा किस प्रकार पिसता है, उसकी मन: स्थिति का बहुत मार्मिक चित्रण किया गया है। इनके द्वारा रचित एक अन्य प्रमुख उपन्यास महाभोज (1979ई.) है। ‘राग दरबारी’ (1968 ई.) श्रीलाल शुक्ल का तथा ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ (1946 ई.) हजारी प्रसाद द्विवेदी का उपन्यास है।