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Q: निर्देश (250-255): निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। ये बच्चे उतने बच्चे नहीं कि इनमें कभी-कभी ढूँढ सकें हम अपना बचपन इनकी उम्र तो इनकी असल उम्र से भी ज्यादा लगती है कभी-कभी तो हमसे भी ज्यादा इनकी आत्माओं में गौरेयों के घोंसले नहीं हैं लेकिन नयी ची़जों के बारे में ये हमसे ज्यादा जानते हैं हम जिन तकनीकी उपकरणों के सामने पहुँचते ही अचकचाकर ठिठक जाते हैं – कुण्ठ होकर ये बिना किसी हिचक के दबाना शुरू कर देते हैं उसके बटन न कोई घबराहट, न गलती हो जाने की आशंका विश्वास से भरे हैं इनके चेहरे जिन रास्तों की इन्हें खबर नहीं खोज लेंगे ये ‘इनकी आत्माओं में गौरेयों के घोंसले नहीं हैं,’ वाक्य से अभिप्राय है-
  • A. बच्चों को किसी बात का ज्ञान नहीं है।
  • B. बच्चों में मासूमियत नहीं रह गई है।
  • C. बच्चे गौरेया का घोंसला नहीं पहचानते हैं।
  • D. बच्चे जंगलों में घूमना पसन्द नहीं करते हैं।
Correct Answer: Option B - ‘इनकी आत्माओं में गौरेयों के घोंसले नहीं है’ वाक्य से अभिप्राय यह है कि अब बच्चों में मासूमियत नहीं रह गई है। शेष दिए गए अन्य विकल्प असंगत हैं।
B. ‘इनकी आत्माओं में गौरेयों के घोंसले नहीं है’ वाक्य से अभिप्राय यह है कि अब बच्चों में मासूमियत नहीं रह गई है। शेष दिए गए अन्य विकल्प असंगत हैं।

Explanations:

‘इनकी आत्माओं में गौरेयों के घोंसले नहीं है’ वाक्य से अभिप्राय यह है कि अब बच्चों में मासूमियत नहीं रह गई है। शेष दिए गए अन्य विकल्प असंगत हैं।