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Q: .
  • A. पिता
  • B. पिंरदे
  • C. अमृतसर आ गया
  • D. कोसी का घटवार
Correct Answer: Option A - ‘पिता’ कहानी में घनश्याम नगर, कुल्लू, दिल्ली एंपोरियम, धूमनगंज आदि स्थानों का उल्लेख हुआ है। ‘पिता’ कहानी के लेखक ज्ञानरंजन हैं। इस कहानी में पारिवारिक संबंधों के बदलते स्वरूप को दर्शाया है। सातवें दशक के यशस्वी कथाकार ज्ञानरंजन ने ‘घंटा’ ‘बहिर्गमन’, अमरूद जैसी कहानियों के जरिये हिन्दी कहानी को नया आयाम दिया है। अन्य विकल्पों में दिये गये कहानियों के कहानीकार निम्न हैं– कहानियाँ – कहानीकार पिंरदे – निर्मल वर्मा अमृतसर आ गया – भीष्म साहनी कोसी का घटवार – शेखर जोशी
A. ‘पिता’ कहानी में घनश्याम नगर, कुल्लू, दिल्ली एंपोरियम, धूमनगंज आदि स्थानों का उल्लेख हुआ है। ‘पिता’ कहानी के लेखक ज्ञानरंजन हैं। इस कहानी में पारिवारिक संबंधों के बदलते स्वरूप को दर्शाया है। सातवें दशक के यशस्वी कथाकार ज्ञानरंजन ने ‘घंटा’ ‘बहिर्गमन’, अमरूद जैसी कहानियों के जरिये हिन्दी कहानी को नया आयाम दिया है। अन्य विकल्पों में दिये गये कहानियों के कहानीकार निम्न हैं– कहानियाँ – कहानीकार पिंरदे – निर्मल वर्मा अमृतसर आ गया – भीष्म साहनी कोसी का घटवार – शेखर जोशी

Explanations:

‘पिता’ कहानी में घनश्याम नगर, कुल्लू, दिल्ली एंपोरियम, धूमनगंज आदि स्थानों का उल्लेख हुआ है। ‘पिता’ कहानी के लेखक ज्ञानरंजन हैं। इस कहानी में पारिवारिक संबंधों के बदलते स्वरूप को दर्शाया है। सातवें दशक के यशस्वी कथाकार ज्ञानरंजन ने ‘घंटा’ ‘बहिर्गमन’, अमरूद जैसी कहानियों के जरिये हिन्दी कहानी को नया आयाम दिया है। अन्य विकल्पों में दिये गये कहानियों के कहानीकार निम्न हैं– कहानियाँ – कहानीकार पिंरदे – निर्मल वर्मा अमृतसर आ गया – भीष्म साहनी कोसी का घटवार – शेखर जोशी