Correct Answer:
Option B - प्रश्न में संदर्भित कथन में व्यक्ति पर आघात (Ad Hominem) तर्कदोष विद्यमान है। कथन में गर्भपात के मुद्दे पर चर्चा करने के बजाय, यह सीधे व्यक्ति की क्षमता या चरित्र (महिलाओं के अधिकारों के प्रति सहानुभूति में कमी) पर हमला करता है। यह तर्वâ को कमजोर करता है, क्योंकि यह विषय से संबंधित तथ्यों या तर्कों के बजाय व्यक्ति की व्यक्तिगत विशेषताओं पर केद्रित है।
B. प्रश्न में संदर्भित कथन में व्यक्ति पर आघात (Ad Hominem) तर्कदोष विद्यमान है। कथन में गर्भपात के मुद्दे पर चर्चा करने के बजाय, यह सीधे व्यक्ति की क्षमता या चरित्र (महिलाओं के अधिकारों के प्रति सहानुभूति में कमी) पर हमला करता है। यह तर्वâ को कमजोर करता है, क्योंकि यह विषय से संबंधित तथ्यों या तर्कों के बजाय व्यक्ति की व्यक्तिगत विशेषताओं पर केद्रित है।