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  • A. आत्मसातन वर्तमान ढाँचे का उपयोग है, जबकि समंजन नये ढाँचे का सृजन है।
  • B. समंजन वर्तमान ढाँचे का उपयोग है, जबकि आत्मसातन नए ढाँचे का सृजन है।
  • C. आत्मसातन सामंजन के बिना नहीं हो सकता।
  • D. सामंजन आत्मसातन की तुलना में जल्दी प्राप्त होता है।
Correct Answer: Option B - सामांजन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें हम अपनी सोच भावनाओं और व्यवहार को बदलते हैं ताकि नई परिस्थितियों के अनुकूल हो सकें। यह एक सक्रिय प्रक्रिया है जहाँ हम नई जानकारी के आधार पर अपने ज्ञान और अनुभवों को बदलते हैं। आत्मसातन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हम नई जानकारी को अपने मौजूदा ज्ञान और अनुभवों के साथ जोड़ते हैं। निष्क्रिय प्रक्रिया है, जहाँ हम नई जानकारी को समझने उसे अपने जीवन में फिट करने का प्रयास करते हैं।
B. सामांजन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें हम अपनी सोच भावनाओं और व्यवहार को बदलते हैं ताकि नई परिस्थितियों के अनुकूल हो सकें। यह एक सक्रिय प्रक्रिया है जहाँ हम नई जानकारी के आधार पर अपने ज्ञान और अनुभवों को बदलते हैं। आत्मसातन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हम नई जानकारी को अपने मौजूदा ज्ञान और अनुभवों के साथ जोड़ते हैं। निष्क्रिय प्रक्रिया है, जहाँ हम नई जानकारी को समझने उसे अपने जीवन में फिट करने का प्रयास करते हैं।

Explanations:

सामांजन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें हम अपनी सोच भावनाओं और व्यवहार को बदलते हैं ताकि नई परिस्थितियों के अनुकूल हो सकें। यह एक सक्रिय प्रक्रिया है जहाँ हम नई जानकारी के आधार पर अपने ज्ञान और अनुभवों को बदलते हैं। आत्मसातन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हम नई जानकारी को अपने मौजूदा ज्ञान और अनुभवों के साथ जोड़ते हैं। निष्क्रिय प्रक्रिया है, जहाँ हम नई जानकारी को समझने उसे अपने जीवन में फिट करने का प्रयास करते हैं।