Correct Answer:
Option D - उत्तर प्रदेश में बारिश के मौसम में (सावन महीने में) महिलाओं द्वारा प्रमुखत: कजरी लोकगीत गाया जाता है। कजरी मिर्जापुर क्षेत्र में सर्वाधिक लोकप्रिय है।
बिरहा– प्रमुख शुभ–अवसरों पर किसी घटना/कहानी का लोकगीत के रूप में प्रस्तुतीकरण होता है।
रसिया–रसिया लोकगीत का संबंध भगवान कृष्ण की उपासना से है।
चैती– चैती (चैता) लोकगीत फाल्गुन पूर्णिमा से चैत्र पूर्णिमा के दौरान गाये जाते हैं।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख लोकगीत– चैती, ढोला, आल्हा, बिरहा, रसिया, पूरन भगत, भर्तृहरि।
D. उत्तर प्रदेश में बारिश के मौसम में (सावन महीने में) महिलाओं द्वारा प्रमुखत: कजरी लोकगीत गाया जाता है। कजरी मिर्जापुर क्षेत्र में सर्वाधिक लोकप्रिय है।
बिरहा– प्रमुख शुभ–अवसरों पर किसी घटना/कहानी का लोकगीत के रूप में प्रस्तुतीकरण होता है।
रसिया–रसिया लोकगीत का संबंध भगवान कृष्ण की उपासना से है।
चैती– चैती (चैता) लोकगीत फाल्गुन पूर्णिमा से चैत्र पूर्णिमा के दौरान गाये जाते हैं।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख लोकगीत– चैती, ढोला, आल्हा, बिरहा, रसिया, पूरन भगत, भर्तृहरि।