Q: निर्देश : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए (प्र.सं. 364 से 370) : शिक्षा केवल तभी बच्चों के आत्मिक जीवन का एक अंश बनती है, जब ज्ञान सक्रिय कार्यों के साथ अभिन्न रूप से जुड़ा हो। बच्चों से यह आशा नहीं की जा सकती कि पहाड़े या समकोण चतुर्भुज का क्षेत्रफल निकालने के नियम आप से आप उन्हें आकर्षित करेंगे। जब बच्चा यह देखता है कि ज्ञान सृजन के या श्रम के लक्ष्यों की प्राप्ति का साधन है, तभी वह ज्ञान पाने की इच्छा उनके मन में जागती है। मैं यह चेष्टा करता था कि छोटी उम्र में ही शारीरिक श्रम में बच्चों को अपनी होशियारी और कुशाग्र बुद्धि का परिचय देने का अवसर मिले। स्कूल का एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्यभार है– बच्चों को ज्ञान का प्रयोग करना सिखाना। छोटी कक्षाओं में यह खतरा सबसे ज्यादा होता है कि ज्ञान निरर्थक बोझ बनकर रह जाएगा, क्योंकि इस उम्र में बौद्धिक श्रम नई-नई बातें सीखने से ही संबंधित होता है।ज्ञान-प्राप्ति की इच्छा कब जगती है?
A.
जब हम यह देखें कि ज्ञान हमारे भौतिक जीवन के लक्ष्यों की प्राप्ति का साधन है
B.
जब हम यह देखें कि ज्ञानवान मनुष्य ही श्रम का अधिकारी है
C.
जब हम यह देखें कि ज्ञान के द्वारा हम समस्त सुखों का लाभ उठा सकते हैं
Correct Answer:
Option C - जब हम देखते है कि ज्ञान के द्वारा सृजनात्मक कार्य किए जा सकते है तो ऐसी स्थिति में ज्ञान प्राप्ति की इच्छा जगती है और लगता है की मुझे भी शिक्षा प्राप्त करके सृजनात्मक कार्य करने चाहिए।
C. जब हम देखते है कि ज्ञान के द्वारा सृजनात्मक कार्य किए जा सकते है तो ऐसी स्थिति में ज्ञान प्राप्ति की इच्छा जगती है और लगता है की मुझे भी शिक्षा प्राप्त करके सृजनात्मक कार्य करने चाहिए।
Explanations:
जब हम देखते है कि ज्ञान के द्वारा सृजनात्मक कार्य किए जा सकते है तो ऐसी स्थिति में ज्ञान प्राप्ति की इच्छा जगती है और लगता है की मुझे भी शिक्षा प्राप्त करके सृजनात्मक कार्य करने चाहिए।
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