Correct Answer:
Option B - डबल एक्टिंग इंजन में एक ही सिलेण्डर के अन्दर एवं पिस्टन के दोनों ओर दहन होता है। इसी कारण इसे डबल एक्टिंग इंजन कहा जाता है। डबल एक्टिंग इंजन में पिस्टन के दोनों ओर इनलेट तथा एग्जॉस्ट वाल्व लगे होते है। जब पिस्टन T.D.C. पर होता है तब चूषण के कारण इनलेट वाल्व खुल जाता है जिससे ईधन सिलेण्डर में प्रवेश कर जाता है। जब पिस्टन B.D.C. की ओर जाता है तब संपीडन के कारण T.D.C. पर लगा इनलेट वाल्व खुलता है तथा ईधन प्रवेश करता है।
B. डबल एक्टिंग इंजन में एक ही सिलेण्डर के अन्दर एवं पिस्टन के दोनों ओर दहन होता है। इसी कारण इसे डबल एक्टिंग इंजन कहा जाता है। डबल एक्टिंग इंजन में पिस्टन के दोनों ओर इनलेट तथा एग्जॉस्ट वाल्व लगे होते है। जब पिस्टन T.D.C. पर होता है तब चूषण के कारण इनलेट वाल्व खुल जाता है जिससे ईधन सिलेण्डर में प्रवेश कर जाता है। जब पिस्टन B.D.C. की ओर जाता है तब संपीडन के कारण T.D.C. पर लगा इनलेट वाल्व खुलता है तथा ईधन प्रवेश करता है।