Explanations:
उपनयन संस्कार को यज्ञोपवीत संस्कार के नाम से भी जानते हैं, इसमें बच्चे को पवित्र जनेऊ (यज्ञोपवीत) धारण कराया जाता है। इसमें तीन धागे होते थे, जिन्हें सत्, रज एवं तम का प्रतीक माना जाता है। इस संस्कार के उपरान्त बालकों को ‘द्विज’ कहा जाता था।