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  • A. मोहम्मद अली जिन्नाह
  • B. दादाभाई नौरोजी
  • C. हकीम अजमल खान
  • D. सर सैय्यद अहमद खान
Correct Answer: Option D - 1875 ई. के अलीगढ़ आंदोलन से सर सैय्यद अहमद खान का नाम जुड़ा है। सर सैय्यद अहमद खान (1817-1898 ई.) मुसलमानों के सबसे प्रमुख समाज सुधारक थे। वह आधुनिक वैज्ञानिक विचारों से काफी प्रभावित थे तथा जीवन भर इस्लाम के साथ उनका तालमेल करने के लिए प्रयासरत रहे। उन्होंने कहा कि धर्म के तत्त्व भी अपरिवर्तनीय नहीं हैं। धर्म अगर समय के साथ नहीं चलता तो वह जड़ हो जाएगा जैसा कि भारत में हुआ है। उन्होंने 1875 ई. में अलीगढ़ में मोहम्मडन एंग्लो-ओरियंटल कॉलेज की स्थापना, पाश्चात्य विज्ञान तथा संस्कृति का प्रचार करने वाले एक केन्द्र के रूप में की। बाद में 1920 में यह कॉलेज अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित हो गया।
D. 1875 ई. के अलीगढ़ आंदोलन से सर सैय्यद अहमद खान का नाम जुड़ा है। सर सैय्यद अहमद खान (1817-1898 ई.) मुसलमानों के सबसे प्रमुख समाज सुधारक थे। वह आधुनिक वैज्ञानिक विचारों से काफी प्रभावित थे तथा जीवन भर इस्लाम के साथ उनका तालमेल करने के लिए प्रयासरत रहे। उन्होंने कहा कि धर्म के तत्त्व भी अपरिवर्तनीय नहीं हैं। धर्म अगर समय के साथ नहीं चलता तो वह जड़ हो जाएगा जैसा कि भारत में हुआ है। उन्होंने 1875 ई. में अलीगढ़ में मोहम्मडन एंग्लो-ओरियंटल कॉलेज की स्थापना, पाश्चात्य विज्ञान तथा संस्कृति का प्रचार करने वाले एक केन्द्र के रूप में की। बाद में 1920 में यह कॉलेज अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित हो गया।

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1875 ई. के अलीगढ़ आंदोलन से सर सैय्यद अहमद खान का नाम जुड़ा है। सर सैय्यद अहमद खान (1817-1898 ई.) मुसलमानों के सबसे प्रमुख समाज सुधारक थे। वह आधुनिक वैज्ञानिक विचारों से काफी प्रभावित थे तथा जीवन भर इस्लाम के साथ उनका तालमेल करने के लिए प्रयासरत रहे। उन्होंने कहा कि धर्म के तत्त्व भी अपरिवर्तनीय नहीं हैं। धर्म अगर समय के साथ नहीं चलता तो वह जड़ हो जाएगा जैसा कि भारत में हुआ है। उन्होंने 1875 ई. में अलीगढ़ में मोहम्मडन एंग्लो-ओरियंटल कॉलेज की स्थापना, पाश्चात्य विज्ञान तथा संस्कृति का प्रचार करने वाले एक केन्द्र के रूप में की। बाद में 1920 में यह कॉलेज अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित हो गया।