Correct Answer:
Option B - अस्तित्वाद से संबंधित सही कथन निम्नलिखित हैं-
● अस्तित्ववाद का मूलाधार ही वैयक्तिक स्वछंदता है।
● नीत्शे ने कहा था-ईश्वर की मृत्यु हो चुकी है।
● सार्त्र अस्तित्ववादी लेखक और चिंतक दोनों हैं।
● अस्तित्ववाद एक दार्शनिक विचारधारा है जो मनुष्य के अस्तित्व और उसकी स्वतंत्रता और व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर जोर देती है। यह मनुष्य को एक स्वतंत्र प्राणी मानता है। जो अपने कर्मों और निर्णयों के लिए स्वयं जिम्मेदार है।
अस्तित्ववाद के प्रमुख विचारक हैं-ज्यां-पॉल-सार्त्र, फ्रेडरिक नीत्शे, अल्बर्ट कामू इत्यादि।
B. अस्तित्वाद से संबंधित सही कथन निम्नलिखित हैं-
● अस्तित्ववाद का मूलाधार ही वैयक्तिक स्वछंदता है।
● नीत्शे ने कहा था-ईश्वर की मृत्यु हो चुकी है।
● सार्त्र अस्तित्ववादी लेखक और चिंतक दोनों हैं।
● अस्तित्ववाद एक दार्शनिक विचारधारा है जो मनुष्य के अस्तित्व और उसकी स्वतंत्रता और व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर जोर देती है। यह मनुष्य को एक स्वतंत्र प्राणी मानता है। जो अपने कर्मों और निर्णयों के लिए स्वयं जिम्मेदार है।
अस्तित्ववाद के प्रमुख विचारक हैं-ज्यां-पॉल-सार्त्र, फ्रेडरिक नीत्शे, अल्बर्ट कामू इत्यादि।