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Q: श्रीमद्भगवद्गीता महाभारतस्य कस्मिन् पर्वणि वर्तते?
  • A. कर्ण-पर्वणि
  • B. भीष्म-पर्वणि
  • C. भारद्वाज:
  • D. विश्वामित्र:
Correct Answer: Option B - महाभारत में 18 पर्व हैं- आदि, सभा, वन, विराट, उद्योग, भीष्म, द्रोण, कर्ण, शल्य, सौप्तिक, स्त्री, शान्ति, अनुशासन, आश्वमेधिक, आश्रमवासिक, मौसल, महाप्रस्थानिक, स्वर्गरोहण। इनमें से ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ का वर्णन भीष्मपर्व में है। इसमें 700 श्लोक है। इसमें कर्म की प्रधानता की बात कही गई है।
B. महाभारत में 18 पर्व हैं- आदि, सभा, वन, विराट, उद्योग, भीष्म, द्रोण, कर्ण, शल्य, सौप्तिक, स्त्री, शान्ति, अनुशासन, आश्वमेधिक, आश्रमवासिक, मौसल, महाप्रस्थानिक, स्वर्गरोहण। इनमें से ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ का वर्णन भीष्मपर्व में है। इसमें 700 श्लोक है। इसमें कर्म की प्रधानता की बात कही गई है।

Explanations:

महाभारत में 18 पर्व हैं- आदि, सभा, वन, विराट, उद्योग, भीष्म, द्रोण, कर्ण, शल्य, सौप्तिक, स्त्री, शान्ति, अनुशासन, आश्वमेधिक, आश्रमवासिक, मौसल, महाप्रस्थानिक, स्वर्गरोहण। इनमें से ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ का वर्णन भीष्मपर्व में है। इसमें 700 श्लोक है। इसमें कर्म की प्रधानता की बात कही गई है।