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  • A. बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमान्ड (बी.ओ.डी.)
  • B. एलीलोपैथी
  • C. बायो-मैग्नीफिकेशन
  • D. बायो-मैग्नीफिकेशन
  • E. यूट्रोफिकेशन
Correct Answer: Option E - जल में अजैविक एवं जैविक पोषक तत्वों के सान्द्रण में वृद्धि को ‘यूट्रोफिकेशन’ कहा जाता है। जल में पोषक तत्वों की अधिकता जीवों को प्रभावित करती है। यह प्राय: स्थिर जलाशय जैसे- तालाब और झील आदि में होता है। फैक्टरियों के अपशिष्ट पदार्थ, वाहित जल तथा मल-मूत्र आदि में कार्बनिक पदार्थ अधिक होते हैं, जो जल में पहुँचकर जल की उत्पादकता को बढ़ा देते हैं।
E. जल में अजैविक एवं जैविक पोषक तत्वों के सान्द्रण में वृद्धि को ‘यूट्रोफिकेशन’ कहा जाता है। जल में पोषक तत्वों की अधिकता जीवों को प्रभावित करती है। यह प्राय: स्थिर जलाशय जैसे- तालाब और झील आदि में होता है। फैक्टरियों के अपशिष्ट पदार्थ, वाहित जल तथा मल-मूत्र आदि में कार्बनिक पदार्थ अधिक होते हैं, जो जल में पहुँचकर जल की उत्पादकता को बढ़ा देते हैं।

Explanations:

जल में अजैविक एवं जैविक पोषक तत्वों के सान्द्रण में वृद्धि को ‘यूट्रोफिकेशन’ कहा जाता है। जल में पोषक तत्वों की अधिकता जीवों को प्रभावित करती है। यह प्राय: स्थिर जलाशय जैसे- तालाब और झील आदि में होता है। फैक्टरियों के अपशिष्ट पदार्थ, वाहित जल तथा मल-मूत्र आदि में कार्बनिक पदार्थ अधिक होते हैं, जो जल में पहुँचकर जल की उत्पादकता को बढ़ा देते हैं।