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  • A. उदय नारायण तिवारी
  • B. चन्द्र शेखर शास्त्री
  • C. नरेन्द्र देव
  • D. नारायण चतुर्वेदी
Correct Answer: Option C - उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 31जुलाई, 1947 ई. में गठित देवनागरी लिपि सुधार समिति के अध्यक्ष ‘नरेन्द्र देव’ थे। • इस समिति की कुल 9 बैठकें हुई तथा समिति ने 25 मई, 1949 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। • नागरी प्रचारिणी सभा ने सन् 1945 ई. में नागरी लिपि सुधार हेतु एक समिति का गठन किया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित ‘लिपि सुधार परिषद्’ की बैठक की अध्यक्षता तत्कालीन उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने की थी।
C. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 31जुलाई, 1947 ई. में गठित देवनागरी लिपि सुधार समिति के अध्यक्ष ‘नरेन्द्र देव’ थे। • इस समिति की कुल 9 बैठकें हुई तथा समिति ने 25 मई, 1949 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। • नागरी प्रचारिणी सभा ने सन् 1945 ई. में नागरी लिपि सुधार हेतु एक समिति का गठन किया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित ‘लिपि सुधार परिषद्’ की बैठक की अध्यक्षता तत्कालीन उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने की थी।

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उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 31जुलाई, 1947 ई. में गठित देवनागरी लिपि सुधार समिति के अध्यक्ष ‘नरेन्द्र देव’ थे। • इस समिति की कुल 9 बैठकें हुई तथा समिति ने 25 मई, 1949 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। • नागरी प्रचारिणी सभा ने सन् 1945 ई. में नागरी लिपि सुधार हेतु एक समिति का गठन किया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित ‘लिपि सुधार परिषद्’ की बैठक की अध्यक्षता तत्कालीन उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने की थी।