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Q: .
  • A. राजाराम मोहन राय
  • B. केशव चन्द्र सेन
  • C. स्वामी दयानंद सरस्वती
  • D. महादेव गोविन्द रानाडे
Correct Answer: Option D - ‘‘जब आप अपने को राजनीतिक अधिकारों की तुला पर कमजोर पाते हैं, तो आप सामाजिक व्यवस्था भी अच्छी नहीं बना सकते। और जब तक आपकी सामाजिक व्यवस्था तर्क और न्याय पर आधारित नहीं है, तब तक आप राजनीतिक अधिकारों का उपयोग करने के योग्य भी नहीं हो सकते।’’ यह कथन समाज सुधारक महादेव गोविन्द रानाडे का है।
D. ‘‘जब आप अपने को राजनीतिक अधिकारों की तुला पर कमजोर पाते हैं, तो आप सामाजिक व्यवस्था भी अच्छी नहीं बना सकते। और जब तक आपकी सामाजिक व्यवस्था तर्क और न्याय पर आधारित नहीं है, तब तक आप राजनीतिक अधिकारों का उपयोग करने के योग्य भी नहीं हो सकते।’’ यह कथन समाज सुधारक महादेव गोविन्द रानाडे का है।

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‘‘जब आप अपने को राजनीतिक अधिकारों की तुला पर कमजोर पाते हैं, तो आप सामाजिक व्यवस्था भी अच्छी नहीं बना सकते। और जब तक आपकी सामाजिक व्यवस्था तर्क और न्याय पर आधारित नहीं है, तब तक आप राजनीतिक अधिकारों का उपयोग करने के योग्य भी नहीं हो सकते।’’ यह कथन समाज सुधारक महादेव गोविन्द रानाडे का है।