search
Q: .
  • A. बादशाह - दर्पण
  • B. वैष्णवता और भारतवर्ष
  • C. अथ अंग्रेज स्तोत्र लिख्यते
  • D. पाँचवा पैगम्बर
Correct Answer: Option A - ‘‘बागबाँ आया गुलिस्ताँ में कि सैय्याद आया, जो कोई आया मेरी जान को जल्लाद आया।’’ अंग्रेजी राज्य के सन्दर्भ में यह कथन भारतेन्दु के ‘बादशाह-दर्पण’ निबंध का है। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा रचित ‘वैष्णवता और भारतवर्ष’ नामक निबन्ध पहले ‘रामायण का समय’ नामक लेख में 1884 ई. में आया। यह धर्म सम्बन्धी निबंध है। • भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को निबंध का जनक माना जाता है। • भारतेन्दु के विद्या गुरु राजा शिव प्रसाद सितारे हिन्द थे। • भारतेन्दु के संबंध में डॉ. रामस्वरूप चतुर्वेदी ने लिखा है, ‘‘कविता में उनका संस्कार है, गद्य में विचार।’’ भारतेन्दु के प्रमुख निबन्ध – अथ अंग्रेज स्तोत्र लिख्यते, पाँचवा पैगम्बर, कश्मीर-कुसुम, उदय पुरोदय, कालचक्र, बादशाह दर्पण, तदीयसर्वस्व, हिन्दीभाषा, भ्रूणहत्या, काशी, मणिर्किणका, नाटक, भारत वर्षोन्नति कैसे हो आदि।
A. ‘‘बागबाँ आया गुलिस्ताँ में कि सैय्याद आया, जो कोई आया मेरी जान को जल्लाद आया।’’ अंग्रेजी राज्य के सन्दर्भ में यह कथन भारतेन्दु के ‘बादशाह-दर्पण’ निबंध का है। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा रचित ‘वैष्णवता और भारतवर्ष’ नामक निबन्ध पहले ‘रामायण का समय’ नामक लेख में 1884 ई. में आया। यह धर्म सम्बन्धी निबंध है। • भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को निबंध का जनक माना जाता है। • भारतेन्दु के विद्या गुरु राजा शिव प्रसाद सितारे हिन्द थे। • भारतेन्दु के संबंध में डॉ. रामस्वरूप चतुर्वेदी ने लिखा है, ‘‘कविता में उनका संस्कार है, गद्य में विचार।’’ भारतेन्दु के प्रमुख निबन्ध – अथ अंग्रेज स्तोत्र लिख्यते, पाँचवा पैगम्बर, कश्मीर-कुसुम, उदय पुरोदय, कालचक्र, बादशाह दर्पण, तदीयसर्वस्व, हिन्दीभाषा, भ्रूणहत्या, काशी, मणिर्किणका, नाटक, भारत वर्षोन्नति कैसे हो आदि।

Explanations:

‘‘बागबाँ आया गुलिस्ताँ में कि सैय्याद आया, जो कोई आया मेरी जान को जल्लाद आया।’’ अंग्रेजी राज्य के सन्दर्भ में यह कथन भारतेन्दु के ‘बादशाह-दर्पण’ निबंध का है। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा रचित ‘वैष्णवता और भारतवर्ष’ नामक निबन्ध पहले ‘रामायण का समय’ नामक लेख में 1884 ई. में आया। यह धर्म सम्बन्धी निबंध है। • भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को निबंध का जनक माना जाता है। • भारतेन्दु के विद्या गुरु राजा शिव प्रसाद सितारे हिन्द थे। • भारतेन्दु के संबंध में डॉ. रामस्वरूप चतुर्वेदी ने लिखा है, ‘‘कविता में उनका संस्कार है, गद्य में विचार।’’ भारतेन्दु के प्रमुख निबन्ध – अथ अंग्रेज स्तोत्र लिख्यते, पाँचवा पैगम्बर, कश्मीर-कुसुम, उदय पुरोदय, कालचक्र, बादशाह दर्पण, तदीयसर्वस्व, हिन्दीभाषा, भ्रूणहत्या, काशी, मणिर्किणका, नाटक, भारत वर्षोन्नति कैसे हो आदि।