Correct Answer:
Option C - संस्कृत काव्य शास्त्र में मुख्यत: तीन काव्य हेतुओं को माना गया है- प्रतिभा, व्युत्पत्ति और अभ्यास।
‘प्रतिभा’ काव्य हेतु से संबंधित आचार्यों की पंक्तियाँ:-
प्रज्ञा नवनवोन्मेषशालिनी प्रतिभा मता - भट्टतौत
कवित्वस्य बीजम् प्रतिभानम् - वामन
सा (प्रतिभा) काव्यघटनानुकूल शब्दोपस्थिति: - जगन्नाथ
प्रतिभा अपूर्ववस्तु निर्माणक्षमा प्रज्ञा - अभिनवगुप्त
शक्ति: कवित्वबीजरूप: संस्कार विशेष: - मम्मट
C. संस्कृत काव्य शास्त्र में मुख्यत: तीन काव्य हेतुओं को माना गया है- प्रतिभा, व्युत्पत्ति और अभ्यास।
‘प्रतिभा’ काव्य हेतु से संबंधित आचार्यों की पंक्तियाँ:-
प्रज्ञा नवनवोन्मेषशालिनी प्रतिभा मता - भट्टतौत
कवित्वस्य बीजम् प्रतिभानम् - वामन
सा (प्रतिभा) काव्यघटनानुकूल शब्दोपस्थिति: - जगन्नाथ
प्रतिभा अपूर्ववस्तु निर्माणक्षमा प्रज्ञा - अभिनवगुप्त
शक्ति: कवित्वबीजरूप: संस्कार विशेष: - मम्मट