Correct Answer:
Option B - शब्द ‘धीरे-धीरे’ में ‘अव्ययी भाव समास है। जिस समास का प्रथम पद प्रधान हो, अव्यय भी हो तथा दूसरा पद संज्ञा हो उसे अव्ययी भाव समास कहते हैं। जैसे- प्रत्येक = एक-एक के प्रति। यहाँ ‘प्रति’ प्रधान (अव्यय) तथा ‘एक’ संज्ञा है। जिस शब्द का दोनों पद प्रधान हो वह द्वन्द्व समास होता है। जैसे भाई-बहन, माता-पिता। जिस शब्द का प्रथम पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य (संज्ञा) हो ‘कर्मधारय समास’ होता है, जैसे- ‘परम+ईश्वर’ = परमेश्वर। जिस शब्द में प्रथम पद संख्यावाची तथा दूसरा पद संज्ञा हो ‘द्विगु समास’ होता है। जैसे- इकतारा, दुगुना।
B. शब्द ‘धीरे-धीरे’ में ‘अव्ययी भाव समास है। जिस समास का प्रथम पद प्रधान हो, अव्यय भी हो तथा दूसरा पद संज्ञा हो उसे अव्ययी भाव समास कहते हैं। जैसे- प्रत्येक = एक-एक के प्रति। यहाँ ‘प्रति’ प्रधान (अव्यय) तथा ‘एक’ संज्ञा है। जिस शब्द का दोनों पद प्रधान हो वह द्वन्द्व समास होता है। जैसे भाई-बहन, माता-पिता। जिस शब्द का प्रथम पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य (संज्ञा) हो ‘कर्मधारय समास’ होता है, जैसे- ‘परम+ईश्वर’ = परमेश्वर। जिस शब्द में प्रथम पद संख्यावाची तथा दूसरा पद संज्ञा हो ‘द्विगु समास’ होता है। जैसे- इकतारा, दुगुना।