Correct Answer:
Option C - चोल अभिलेखों के अनुसार चोलकाल में भूमि जो दान में दी जाती थी उसका विवरण निम्नवत् थे।
(1) वेल्लान्वगाई– गैर ब्राह्मण किसान स्वामी की भूमि।
(2) ब्रह्मदेय– ब्राह्मणों को उपहार में दी गई भूमि।
(3) शालाभोग–किसी विद्यालय के रखरखाव के लिए भूमि।
(4) पल्लीच्छान्दम– जैन संस्थानों को दान की गई भूमि।
(5) देवदान/तिरुनामटुक्कानी– किसी मंदिर को उपहार में दी गई भूमि।
चोल प्रशासन में भाग लेने वाले उच्च पदाधिकारियों को पेरून्दरम् एवं निम्न श्रेणी के पदाधिकारियों को शेरुन्दन कहा जाता था।
C. चोल अभिलेखों के अनुसार चोलकाल में भूमि जो दान में दी जाती थी उसका विवरण निम्नवत् थे।
(1) वेल्लान्वगाई– गैर ब्राह्मण किसान स्वामी की भूमि।
(2) ब्रह्मदेय– ब्राह्मणों को उपहार में दी गई भूमि।
(3) शालाभोग–किसी विद्यालय के रखरखाव के लिए भूमि।
(4) पल्लीच्छान्दम– जैन संस्थानों को दान की गई भूमि।
(5) देवदान/तिरुनामटुक्कानी– किसी मंदिर को उपहार में दी गई भूमि।
चोल प्रशासन में भाग लेने वाले उच्च पदाधिकारियों को पेरून्दरम् एवं निम्न श्रेणी के पदाधिकारियों को शेरुन्दन कहा जाता था।