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Q: Which of the following statements is INCORRECT with respect to the assumptions made in the derivation of Euler's critical load on columns? /स्तम्भों पर ऑयलर का क्रांतिक के महत्त्वपूर्ण भार के विचलन में की गई धारणाओं के सम्बंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
  • A. The column is perfectly straight with no initial crookedness/स्तम्भ बिना किसी प्रारम्भिक टेढ़ेपन के पूरी तरह से सीधा है।
  • B. The load acting on the column is axial. स्तम्भ पर कार्य करने वाला भार अक्षीय है।
  • C. Modulus of elasticity E and moment of inertia I of the column are constant /स्तम्भ के प्रत्यास्थता मापांक E और जड़त्व आघूर्ण स्थिर है।
  • D. The member attains its maximum bending moment before buckling /व्यांकुचन से पहले सदस्य अपना अधिकतम बंकन आघूर्ण प्राप्त करता है।
Correct Answer: Option D - ऑयलर ने स्तम्भ सिद्धान्त में निम्नलिखित धारणाऐं बनाई गई है- 1. स्तम्भ प्रारम्भ में सीधा होता है और भार अक्षीय रूप से लगाया जाता है। 2. स्तम्भ का अनुप्रस्थ काट इसकी सम्पूर्ण लम्बाई में एक समान है। 3. स्तम्भ सामग्री पूरी तरह से प्रत्यास्थ, समांगी और समदैशिक है और हुक के नियम का पालन करती है। 4. पाश्र्व आयामों की तुलना में स्तम्भ की लम्बाई बहुत अधिक होती है। 5. बंकन प्रतिबल की तुलना में अक्षीय प्रतिबल बहुत कम होता है। 6. स्तम्भ केवल व्यांकुचन से विफल होेगा। 7. स्तम्भ का स्वयं का भार नगण्य है।
D. ऑयलर ने स्तम्भ सिद्धान्त में निम्नलिखित धारणाऐं बनाई गई है- 1. स्तम्भ प्रारम्भ में सीधा होता है और भार अक्षीय रूप से लगाया जाता है। 2. स्तम्भ का अनुप्रस्थ काट इसकी सम्पूर्ण लम्बाई में एक समान है। 3. स्तम्भ सामग्री पूरी तरह से प्रत्यास्थ, समांगी और समदैशिक है और हुक के नियम का पालन करती है। 4. पाश्र्व आयामों की तुलना में स्तम्भ की लम्बाई बहुत अधिक होती है। 5. बंकन प्रतिबल की तुलना में अक्षीय प्रतिबल बहुत कम होता है। 6. स्तम्भ केवल व्यांकुचन से विफल होेगा। 7. स्तम्भ का स्वयं का भार नगण्य है।

Explanations:

ऑयलर ने स्तम्भ सिद्धान्त में निम्नलिखित धारणाऐं बनाई गई है- 1. स्तम्भ प्रारम्भ में सीधा होता है और भार अक्षीय रूप से लगाया जाता है। 2. स्तम्भ का अनुप्रस्थ काट इसकी सम्पूर्ण लम्बाई में एक समान है। 3. स्तम्भ सामग्री पूरी तरह से प्रत्यास्थ, समांगी और समदैशिक है और हुक के नियम का पालन करती है। 4. पाश्र्व आयामों की तुलना में स्तम्भ की लम्बाई बहुत अधिक होती है। 5. बंकन प्रतिबल की तुलना में अक्षीय प्रतिबल बहुत कम होता है। 6. स्तम्भ केवल व्यांकुचन से विफल होेगा। 7. स्तम्भ का स्वयं का भार नगण्य है।