Correct Answer:
Option D - ऑयलर ने स्तम्भ सिद्धान्त में निम्नलिखित धारणाऐं बनाई गई है-
1. स्तम्भ प्रारम्भ में सीधा होता है और भार अक्षीय रूप से लगाया जाता है।
2. स्तम्भ का अनुप्रस्थ काट इसकी सम्पूर्ण लम्बाई में एक समान है।
3. स्तम्भ सामग्री पूरी तरह से प्रत्यास्थ, समांगी और समदैशिक है और हुक के नियम का पालन करती है।
4. पाश्र्व आयामों की तुलना में स्तम्भ की लम्बाई बहुत अधिक होती है।
5. बंकन प्रतिबल की तुलना में अक्षीय प्रतिबल बहुत कम होता है।
6. स्तम्भ केवल व्यांकुचन से विफल होेगा।
7. स्तम्भ का स्वयं का भार नगण्य है।
D. ऑयलर ने स्तम्भ सिद्धान्त में निम्नलिखित धारणाऐं बनाई गई है-
1. स्तम्भ प्रारम्भ में सीधा होता है और भार अक्षीय रूप से लगाया जाता है।
2. स्तम्भ का अनुप्रस्थ काट इसकी सम्पूर्ण लम्बाई में एक समान है।
3. स्तम्भ सामग्री पूरी तरह से प्रत्यास्थ, समांगी और समदैशिक है और हुक के नियम का पालन करती है।
4. पाश्र्व आयामों की तुलना में स्तम्भ की लम्बाई बहुत अधिक होती है।
5. बंकन प्रतिबल की तुलना में अक्षीय प्रतिबल बहुत कम होता है।
6. स्तम्भ केवल व्यांकुचन से विफल होेगा।
7. स्तम्भ का स्वयं का भार नगण्य है।