Correct Answer:
Option D - संयोग रेखाएँ (Tie lines)– संयोग स्टेशन (उपस्टेशनों) को जोड़ने वाली रेखा संयोग रेखा कहलाती है। यह रेखा क्षेत्र के भीतरी भागों की, जो मुख्य रेखा से दूर पड़ते हैं, उसकी स्थिति ज्ञात करने तथा विस्तृत विवरण लेने के लिए डाली जाती है।
आधार रेखा (Base line)– यह सर्वेक्षण रेखाओं के ढ़ाँचे में सबसे लम्बी रेखा होती है, जिस पर सर्वेक्षण कार्य का पूरा ढ़ाँचा आधारित रहता है। इसकी लम्बाई को अधिक शुद्ध, इन्वार टेप के द्वारा मापा जाता है।
मुख्य रेखाएँ (Main lines)– यह रेखाएँ सर्वे क्षेत्र की सीमाओं के साथ-साथ डाली जाती है।
D. संयोग रेखाएँ (Tie lines)– संयोग स्टेशन (उपस्टेशनों) को जोड़ने वाली रेखा संयोग रेखा कहलाती है। यह रेखा क्षेत्र के भीतरी भागों की, जो मुख्य रेखा से दूर पड़ते हैं, उसकी स्थिति ज्ञात करने तथा विस्तृत विवरण लेने के लिए डाली जाती है।
आधार रेखा (Base line)– यह सर्वेक्षण रेखाओं के ढ़ाँचे में सबसे लम्बी रेखा होती है, जिस पर सर्वेक्षण कार्य का पूरा ढ़ाँचा आधारित रहता है। इसकी लम्बाई को अधिक शुद्ध, इन्वार टेप के द्वारा मापा जाता है।
मुख्य रेखाएँ (Main lines)– यह रेखाएँ सर्वे क्षेत्र की सीमाओं के साथ-साथ डाली जाती है।