search
Q: .
  • A. 22 दिसम्बर
  • B. 21 जून
  • C. 21 मार्च
  • D. 23 सितम्बर
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - 21 जून की स्थिति को ‘कर्क संक्रान्ति’ कहा जाता है क्योंकि इस दिन सूर्य कर्क रेखा पर लम्बवत चमकता है। इसी कारण 21 जून को उत्तरी गोलार्द्ध में दिन की लम्बाई सबसे अधिक होती है तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे छोटा दिन होता है। वस्तुत: 21 मार्च के बाद सूर्य की लम्बवत किरणें भूमध्य रेखा से उत्तरी गोलार्द्ध की ओर अग्रसर हो जाती हैं जिससे उत्तरी गोलार्द्ध में दिन बड़ा व रात्रि छोटी होने लगती है और वहाँ ग्रीष्म ऋतु का आगमन होता है। दक्षिणी गोलार्द्ध में इस समय रातें लम्बी होती हैं तथा शीत ऋतु पायी जाती है।
B. 21 जून की स्थिति को ‘कर्क संक्रान्ति’ कहा जाता है क्योंकि इस दिन सूर्य कर्क रेखा पर लम्बवत चमकता है। इसी कारण 21 जून को उत्तरी गोलार्द्ध में दिन की लम्बाई सबसे अधिक होती है तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे छोटा दिन होता है। वस्तुत: 21 मार्च के बाद सूर्य की लम्बवत किरणें भूमध्य रेखा से उत्तरी गोलार्द्ध की ओर अग्रसर हो जाती हैं जिससे उत्तरी गोलार्द्ध में दिन बड़ा व रात्रि छोटी होने लगती है और वहाँ ग्रीष्म ऋतु का आगमन होता है। दक्षिणी गोलार्द्ध में इस समय रातें लम्बी होती हैं तथा शीत ऋतु पायी जाती है।

Explanations:

21 जून की स्थिति को ‘कर्क संक्रान्ति’ कहा जाता है क्योंकि इस दिन सूर्य कर्क रेखा पर लम्बवत चमकता है। इसी कारण 21 जून को उत्तरी गोलार्द्ध में दिन की लम्बाई सबसे अधिक होती है तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे छोटा दिन होता है। वस्तुत: 21 मार्च के बाद सूर्य की लम्बवत किरणें भूमध्य रेखा से उत्तरी गोलार्द्ध की ओर अग्रसर हो जाती हैं जिससे उत्तरी गोलार्द्ध में दिन बड़ा व रात्रि छोटी होने लगती है और वहाँ ग्रीष्म ऋतु का आगमन होता है। दक्षिणी गोलार्द्ध में इस समय रातें लम्बी होती हैं तथा शीत ऋतु पायी जाती है।