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Q: .
  • A. रामविलास शर्मा
  • B. रामधारी सिंह ‘दिनकर’
  • C. मैथिलीशरण गुप्त
  • D. हजारी प्रसाद द्विवेदी
Correct Answer: Option B - ‘संस्कृति के चार अध्याय’ रामधारी सिंह दिनकर का भारतीय संस्कृति के मूल उपादानों का ऐतिहासिक विकास प्रस्तुत करने वाला प्रसिद्ध ग्रन्थ हैं। दिनकर को ‘उर्वशी’ महाकाव्य के लिए सन् 1972 ई. में भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ। दिनकर की अन्य प्रमुख कृतियाँ- रेणुका (1935), कुरुक्षेत्र (1946), सामधेनी (1947), रश्मिरथी (1952), दिल्ली (1954), उर्वशी (1961), इतिहास के आँसू (1951) मैथिलीशरण गुप्त की प्रमुख कृतियाँ- रंग में भंग (1909), जयद्रथ वध (1910), किसान (1917), गुरुकुल (1929), साकेत (1931), भारत-भारती (1912), यशोधरा (1932), वैतालिक, पंचवटी (1925 ई.)। हजारी प्रसाद द्विवेदी की कृतियाँ- अशोक के फूल (1948), कल्पलता (1951), विचार और वितर्क (1957), विचार प्रवाह (1959), कुटज (1964), साहित्य सहचर (1965), आलोक पर्व (1972)। रामविलास शर्मा की कृतियाँ- प्रगति और परम्परा (1949), साहित्य और संस्कृति (1949), भाषा, साहित्य और संस्कृति (1954), लोक जीवन और साहित्य (1955), भारतेन्दु युग और हिन्दी भाषा की विकास परम्परा (1985), परम्परा का मूल्यांकन (1981) विराम चिह्न (1985)।
B. ‘संस्कृति के चार अध्याय’ रामधारी सिंह दिनकर का भारतीय संस्कृति के मूल उपादानों का ऐतिहासिक विकास प्रस्तुत करने वाला प्रसिद्ध ग्रन्थ हैं। दिनकर को ‘उर्वशी’ महाकाव्य के लिए सन् 1972 ई. में भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ। दिनकर की अन्य प्रमुख कृतियाँ- रेणुका (1935), कुरुक्षेत्र (1946), सामधेनी (1947), रश्मिरथी (1952), दिल्ली (1954), उर्वशी (1961), इतिहास के आँसू (1951) मैथिलीशरण गुप्त की प्रमुख कृतियाँ- रंग में भंग (1909), जयद्रथ वध (1910), किसान (1917), गुरुकुल (1929), साकेत (1931), भारत-भारती (1912), यशोधरा (1932), वैतालिक, पंचवटी (1925 ई.)। हजारी प्रसाद द्विवेदी की कृतियाँ- अशोक के फूल (1948), कल्पलता (1951), विचार और वितर्क (1957), विचार प्रवाह (1959), कुटज (1964), साहित्य सहचर (1965), आलोक पर्व (1972)। रामविलास शर्मा की कृतियाँ- प्रगति और परम्परा (1949), साहित्य और संस्कृति (1949), भाषा, साहित्य और संस्कृति (1954), लोक जीवन और साहित्य (1955), भारतेन्दु युग और हिन्दी भाषा की विकास परम्परा (1985), परम्परा का मूल्यांकन (1981) विराम चिह्न (1985)।

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‘संस्कृति के चार अध्याय’ रामधारी सिंह दिनकर का भारतीय संस्कृति के मूल उपादानों का ऐतिहासिक विकास प्रस्तुत करने वाला प्रसिद्ध ग्रन्थ हैं। दिनकर को ‘उर्वशी’ महाकाव्य के लिए सन् 1972 ई. में भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ। दिनकर की अन्य प्रमुख कृतियाँ- रेणुका (1935), कुरुक्षेत्र (1946), सामधेनी (1947), रश्मिरथी (1952), दिल्ली (1954), उर्वशी (1961), इतिहास के आँसू (1951) मैथिलीशरण गुप्त की प्रमुख कृतियाँ- रंग में भंग (1909), जयद्रथ वध (1910), किसान (1917), गुरुकुल (1929), साकेत (1931), भारत-भारती (1912), यशोधरा (1932), वैतालिक, पंचवटी (1925 ई.)। हजारी प्रसाद द्विवेदी की कृतियाँ- अशोक के फूल (1948), कल्पलता (1951), विचार और वितर्क (1957), विचार प्रवाह (1959), कुटज (1964), साहित्य सहचर (1965), आलोक पर्व (1972)। रामविलास शर्मा की कृतियाँ- प्रगति और परम्परा (1949), साहित्य और संस्कृति (1949), भाषा, साहित्य और संस्कृति (1954), लोक जीवन और साहित्य (1955), भारतेन्दु युग और हिन्दी भाषा की विकास परम्परा (1985), परम्परा का मूल्यांकन (1981) विराम चिह्न (1985)।