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Q: .
  • A. जहांदार शाह
  • B. बहादुर शाह
  • C. फर्रूखसियर
  • D. मोहम्मद शाह
Correct Answer: Option A - बहादुरशाह की मृत्यु के बाद उसके पुत्रों जहांदार शाह, अजीम-उस-शान, रफी-उस-शान और जहॉन शाह में हुए उत्तराधिकार युद्ध में जहांदार शाह (1712–1713 ई.) ने जुल्फिकार खां के सहयोग से सत्ता प्राप्त की। 51 वर्ष की आयु में जहांदार शाह मार्च, 1712 ई. को मुगल राजसिंहासन पर बैठा। जुल्फिकार खाँ को इसका प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। जहांदार शाह, जुल्फीकार खाँ के हाथों का कठपुतली बनकर रह गया। जहांदार शाह के शासनकाल में प्रशासन की पूरी बागडोर जुल्फिकार खाँ के हाथों में थी। जहांदार शाह ने लाल कुँवारी नामक वेश्या को शासन में हस्तक्षेप करने का अधिकार दे रखा था। लोग इसे ‘लम्पट मूर्ख’ कहते थे। अजीम-उस-शान के पुत्र फर्रुखसियर ने सैय्यद बंधुओं (अब्दुल्ला खां एवं हुसैन अली) के सहयोग से जहांदार शाह की हत्या करवा दी थी।
A. बहादुरशाह की मृत्यु के बाद उसके पुत्रों जहांदार शाह, अजीम-उस-शान, रफी-उस-शान और जहॉन शाह में हुए उत्तराधिकार युद्ध में जहांदार शाह (1712–1713 ई.) ने जुल्फिकार खां के सहयोग से सत्ता प्राप्त की। 51 वर्ष की आयु में जहांदार शाह मार्च, 1712 ई. को मुगल राजसिंहासन पर बैठा। जुल्फिकार खाँ को इसका प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। जहांदार शाह, जुल्फीकार खाँ के हाथों का कठपुतली बनकर रह गया। जहांदार शाह के शासनकाल में प्रशासन की पूरी बागडोर जुल्फिकार खाँ के हाथों में थी। जहांदार शाह ने लाल कुँवारी नामक वेश्या को शासन में हस्तक्षेप करने का अधिकार दे रखा था। लोग इसे ‘लम्पट मूर्ख’ कहते थे। अजीम-उस-शान के पुत्र फर्रुखसियर ने सैय्यद बंधुओं (अब्दुल्ला खां एवं हुसैन अली) के सहयोग से जहांदार शाह की हत्या करवा दी थी।

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बहादुरशाह की मृत्यु के बाद उसके पुत्रों जहांदार शाह, अजीम-उस-शान, रफी-उस-शान और जहॉन शाह में हुए उत्तराधिकार युद्ध में जहांदार शाह (1712–1713 ई.) ने जुल्फिकार खां के सहयोग से सत्ता प्राप्त की। 51 वर्ष की आयु में जहांदार शाह मार्च, 1712 ई. को मुगल राजसिंहासन पर बैठा। जुल्फिकार खाँ को इसका प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। जहांदार शाह, जुल्फीकार खाँ के हाथों का कठपुतली बनकर रह गया। जहांदार शाह के शासनकाल में प्रशासन की पूरी बागडोर जुल्फिकार खाँ के हाथों में थी। जहांदार शाह ने लाल कुँवारी नामक वेश्या को शासन में हस्तक्षेप करने का अधिकार दे रखा था। लोग इसे ‘लम्पट मूर्ख’ कहते थे। अजीम-उस-शान के पुत्र फर्रुखसियर ने सैय्यद बंधुओं (अब्दुल्ला खां एवं हुसैन अली) के सहयोग से जहांदार शाह की हत्या करवा दी थी।