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Q: .
  • A. जल
  • B. पोषक तत्त्व
  • C. कार्बन-डाई-ऑक्साइड
  • D. ऑक्सीजन
Correct Answer: Option D - कार्बनिक पदार्थों का अपघटन एक जैविक प्रक्रिया है जो प्राकृतिक रूप से होती है। कार्बनिक पदार्थ के अपघटन के समय मृदा में जल, पोषक तत्व, ऊर्जा तथा कार्बन डाईऑक्साइड उत्पादित होते हैं। कार्बनिक पदार्थ अपघटित होकर (decompose) होकर मिट्टी के कणों के साथ मिल जाते हैं। कार्बनिक पदार्थ अपघटित होकर ह्यूमस (humus) में परिवर्तित हो जाते हैं। ह्यूमस के बनने से मृदा की जल धारण क्षमता तथा सरन्ध्रता बढ़ जाती है। ह्यूमस की उपस्थिति मिट्टी को फिर से उपजाऊ बना देती है। इसलिए ह्यूमस युक्त मिट्टी, बीज अथवा छोटे पौधों को उगाने के लिए अच्छी होती है।
D. कार्बनिक पदार्थों का अपघटन एक जैविक प्रक्रिया है जो प्राकृतिक रूप से होती है। कार्बनिक पदार्थ के अपघटन के समय मृदा में जल, पोषक तत्व, ऊर्जा तथा कार्बन डाईऑक्साइड उत्पादित होते हैं। कार्बनिक पदार्थ अपघटित होकर (decompose) होकर मिट्टी के कणों के साथ मिल जाते हैं। कार्बनिक पदार्थ अपघटित होकर ह्यूमस (humus) में परिवर्तित हो जाते हैं। ह्यूमस के बनने से मृदा की जल धारण क्षमता तथा सरन्ध्रता बढ़ जाती है। ह्यूमस की उपस्थिति मिट्टी को फिर से उपजाऊ बना देती है। इसलिए ह्यूमस युक्त मिट्टी, बीज अथवा छोटे पौधों को उगाने के लिए अच्छी होती है।

Explanations:

कार्बनिक पदार्थों का अपघटन एक जैविक प्रक्रिया है जो प्राकृतिक रूप से होती है। कार्बनिक पदार्थ के अपघटन के समय मृदा में जल, पोषक तत्व, ऊर्जा तथा कार्बन डाईऑक्साइड उत्पादित होते हैं। कार्बनिक पदार्थ अपघटित होकर (decompose) होकर मिट्टी के कणों के साथ मिल जाते हैं। कार्बनिक पदार्थ अपघटित होकर ह्यूमस (humus) में परिवर्तित हो जाते हैं। ह्यूमस के बनने से मृदा की जल धारण क्षमता तथा सरन्ध्रता बढ़ जाती है। ह्यूमस की उपस्थिति मिट्टी को फिर से उपजाऊ बना देती है। इसलिए ह्यूमस युक्त मिट्टी, बीज अथवा छोटे पौधों को उगाने के लिए अच्छी होती है।