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  • A. सिंगल एक्टिंग इंजन
  • B. डबल एक्टिंग इंजन
  • C. अपोज्ड पिस्टन इंजन
  • D. इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - डबल एक्टिंग इंजनों में पिस्टन के दोनों ओर इनलेट व एग्जॉस्ट वाल्व लगे होते है। जब पिस्टन टी०डी०सी पर होता है तो चूषण के कारण बी०डी०सी० पर लगा इनलेट वाल्व खुल जाता है जिससे ईधन सिलेण्डर में प्रवेश कर जाता है। और जब पिस्टन बी०डी०सी० की ओर चलता है तो इस ईधन का संपीडन होता है तथा तभी चूषण के कारण पिस्टन के दूसरी ओर टी०डी०सी० पर लगा इनलेट वाल्व खुल जाता है। जिससे ईधन सिलेण्डर में प्रवेश कर जाता है और जब पिस्टन पुन: टी०डी०सी० की ओर चलता है तो इस ईधन का संपीडन होता है। यह प्रक्रिया बार-बार होती रहती है जिसके कारण संपीडन के पश्चात दोनों ओर ईधन का क्रमवार दहन होता रहता है, जिससे पिस्टन के प्रत्येक स्ट्रोक में इंजन में शक्ति विकसित होती रहती है।
B. डबल एक्टिंग इंजनों में पिस्टन के दोनों ओर इनलेट व एग्जॉस्ट वाल्व लगे होते है। जब पिस्टन टी०डी०सी पर होता है तो चूषण के कारण बी०डी०सी० पर लगा इनलेट वाल्व खुल जाता है जिससे ईधन सिलेण्डर में प्रवेश कर जाता है। और जब पिस्टन बी०डी०सी० की ओर चलता है तो इस ईधन का संपीडन होता है तथा तभी चूषण के कारण पिस्टन के दूसरी ओर टी०डी०सी० पर लगा इनलेट वाल्व खुल जाता है। जिससे ईधन सिलेण्डर में प्रवेश कर जाता है और जब पिस्टन पुन: टी०डी०सी० की ओर चलता है तो इस ईधन का संपीडन होता है। यह प्रक्रिया बार-बार होती रहती है जिसके कारण संपीडन के पश्चात दोनों ओर ईधन का क्रमवार दहन होता रहता है, जिससे पिस्टन के प्रत्येक स्ट्रोक में इंजन में शक्ति विकसित होती रहती है।

Explanations:

डबल एक्टिंग इंजनों में पिस्टन के दोनों ओर इनलेट व एग्जॉस्ट वाल्व लगे होते है। जब पिस्टन टी०डी०सी पर होता है तो चूषण के कारण बी०डी०सी० पर लगा इनलेट वाल्व खुल जाता है जिससे ईधन सिलेण्डर में प्रवेश कर जाता है। और जब पिस्टन बी०डी०सी० की ओर चलता है तो इस ईधन का संपीडन होता है तथा तभी चूषण के कारण पिस्टन के दूसरी ओर टी०डी०सी० पर लगा इनलेट वाल्व खुल जाता है। जिससे ईधन सिलेण्डर में प्रवेश कर जाता है और जब पिस्टन पुन: टी०डी०सी० की ओर चलता है तो इस ईधन का संपीडन होता है। यह प्रक्रिया बार-बार होती रहती है जिसके कारण संपीडन के पश्चात दोनों ओर ईधन का क्रमवार दहन होता रहता है, जिससे पिस्टन के प्रत्येक स्ट्रोक में इंजन में शक्ति विकसित होती रहती है।