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Q: "The destiny of India is now being shaped in her classrooms", is professed by .......... ‘‘भारत का भाग्य अब उसकी कक्षाओं में आकार ले रहा है’’ ______ द्वारा दावा किया गया है।
  • A. Bhagwan Sahai Committee (1872)/ भगवान सहाय समिति (1872)
  • B. The Education Commission (1964-66)/ शिक्षा आयोग (1964-66)
  • C. National Policy of Education (1986)/ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (1986)
  • D. Secondary Education Commission (1852-53)/ माध्यमिक शिक्षा आयोग (1852-53)
Correct Answer: Option B - ‘‘भारत का भाग्य अब उसकी कक्षाओं में आकार ले रहा है,’’ यह शिक्षा आयोग (1964-66) द्वारा माना जाता है। इस रिपोर्ट में प्रधानमंत्री इन्द्रिरा गाँधी की सरकार ने 1968 में पहली राष्ट्रीय शिक्षा नीति की घोषणा की, जिसमें ‘‘कट्टरपंथी पुनर्गठन’’ का आह्रान किया गया और राष्ट्रीय एकीकरण और अधिक सांस्कृतिक और आर्थिक विकास को प्राप्त करने के लिए समान शैक्षिक अवसरों का प्रस्ताव दिया गया। नीति में भारत के संविधान द्वारा निर्धारित 14 वर्ष की आयु तक के सभी बच्चों के लिए अनिवार्य शिक्षा और शिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण और योग्यता को पूरा करने का आह्वान किया गया था।
B. ‘‘भारत का भाग्य अब उसकी कक्षाओं में आकार ले रहा है,’’ यह शिक्षा आयोग (1964-66) द्वारा माना जाता है। इस रिपोर्ट में प्रधानमंत्री इन्द्रिरा गाँधी की सरकार ने 1968 में पहली राष्ट्रीय शिक्षा नीति की घोषणा की, जिसमें ‘‘कट्टरपंथी पुनर्गठन’’ का आह्रान किया गया और राष्ट्रीय एकीकरण और अधिक सांस्कृतिक और आर्थिक विकास को प्राप्त करने के लिए समान शैक्षिक अवसरों का प्रस्ताव दिया गया। नीति में भारत के संविधान द्वारा निर्धारित 14 वर्ष की आयु तक के सभी बच्चों के लिए अनिवार्य शिक्षा और शिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण और योग्यता को पूरा करने का आह्वान किया गया था।

Explanations:

‘‘भारत का भाग्य अब उसकी कक्षाओं में आकार ले रहा है,’’ यह शिक्षा आयोग (1964-66) द्वारा माना जाता है। इस रिपोर्ट में प्रधानमंत्री इन्द्रिरा गाँधी की सरकार ने 1968 में पहली राष्ट्रीय शिक्षा नीति की घोषणा की, जिसमें ‘‘कट्टरपंथी पुनर्गठन’’ का आह्रान किया गया और राष्ट्रीय एकीकरण और अधिक सांस्कृतिक और आर्थिक विकास को प्राप्त करने के लिए समान शैक्षिक अवसरों का प्रस्ताव दिया गया। नीति में भारत के संविधान द्वारा निर्धारित 14 वर्ष की आयु तक के सभी बच्चों के लिए अनिवार्य शिक्षा और शिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण और योग्यता को पूरा करने का आह्वान किया गया था।