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  • A. C,B, A, D
  • B. C, A, B, D
  • C. A, D, B, C
  • D. A, C, B, D
Correct Answer: Option B - ब्लू बेबी सिंड्रोम को शिशु मेथेमोग्लोबिनेमिया कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शिशु की त्वचा का रंग नीला पड़ जाता है, खासकर होंठ, कान और नाखूनों के आसपास। यह स्थिति तब होती है जब शिशु के रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है। इस रोग का प्रारंभ से लेकर अंतिम तक का सही क्रम है। (i) नाइट्रेट प्रदूषित जल का उपयोग (ii) मानव शरीर में सूक्ष्म जीवों द्वारा नाइट्रेट आयन्स का नाइट्राइट आयन्स में रुपांतरण। (iii) नाइट्राइट आयन्स द्वारा हीमोग्लोबिन में Fe(II)) से Fe(III) तक आयन्स का ऑक्सीकरण। (iv) मेथेमोग्लोबिन नामक असमान्य हीमोग्लोबिन का निर्माण। अत: विकल्प (b) सत्य है।
B. ब्लू बेबी सिंड्रोम को शिशु मेथेमोग्लोबिनेमिया कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शिशु की त्वचा का रंग नीला पड़ जाता है, खासकर होंठ, कान और नाखूनों के आसपास। यह स्थिति तब होती है जब शिशु के रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है। इस रोग का प्रारंभ से लेकर अंतिम तक का सही क्रम है। (i) नाइट्रेट प्रदूषित जल का उपयोग (ii) मानव शरीर में सूक्ष्म जीवों द्वारा नाइट्रेट आयन्स का नाइट्राइट आयन्स में रुपांतरण। (iii) नाइट्राइट आयन्स द्वारा हीमोग्लोबिन में Fe(II)) से Fe(III) तक आयन्स का ऑक्सीकरण। (iv) मेथेमोग्लोबिन नामक असमान्य हीमोग्लोबिन का निर्माण। अत: विकल्प (b) सत्य है।

Explanations:

ब्लू बेबी सिंड्रोम को शिशु मेथेमोग्लोबिनेमिया कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शिशु की त्वचा का रंग नीला पड़ जाता है, खासकर होंठ, कान और नाखूनों के आसपास। यह स्थिति तब होती है जब शिशु के रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है। इस रोग का प्रारंभ से लेकर अंतिम तक का सही क्रम है। (i) नाइट्रेट प्रदूषित जल का उपयोग (ii) मानव शरीर में सूक्ष्म जीवों द्वारा नाइट्रेट आयन्स का नाइट्राइट आयन्स में रुपांतरण। (iii) नाइट्राइट आयन्स द्वारा हीमोग्लोबिन में Fe(II)) से Fe(III) तक आयन्स का ऑक्सीकरण। (iv) मेथेमोग्लोबिन नामक असमान्य हीमोग्लोबिन का निर्माण। अत: विकल्प (b) सत्य है।