Explanations:
कानपुर में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व ‘नाना साहब’ ने किया। नाना साहब की ओर से लड़ने की मुख्य जिम्मेदारी ताँत्या टोपे की थी जिनका मूल नाम ‘रामचन्द्र पाण्डुरंग’ था। 1857 के विद्रोह का नेतृत्व झांसी में ‘रानी लक्ष्मीबाई’, बिहार में जगदीशपुर के ‘बाबू कुंवर सिंह’, लखनऊ में ‘बेगम हजरत महल’ इलाहाबाद में ‘मौलवी लियाकत अली’, बरेली में ‘खान बहादुर खान’ फैजाबाद में ‘मौलवी अहमद उल्ला’ तथा दिल्ली में ‘जनरल बख्त खाँ’ ने किया था।