Explanations:
समतल या साधारण सर्वेक्षण- ■ इस सर्वेक्षण में पृथ्वी की वक्रता पर ध्यान नहीं दिया जाता है और भू-पृष्ठ को समतल मान लिया जाता है। ■ छोटे भू-खण्डों के सर्वेक्षण के लिए समतल सर्वेक्षण ही पर्याप्त समझा जाता है। क्योंकि पृथ्वी की सतह पर वक्रता के कारण 12 किमी. की दूरी में केवल एक सेमी. का अन्तर आता है, जो बहुत ही कम होता है। ■ छोटे क्षेत्रों तथा कम महत्व के कार्यों के लिए अधिकतर समतल सर्वेक्षण अपनाया जाता हैं। ■ 260 किमी.² तक का क्षेत्र समतल क्षेत्र माना जाता है। भू-पृष्ठीय या भूगणितीय सर्वेक्षण- ■ इस सर्वेक्षण में पृथ्वी की वक्रता पर ध्यान दिया जाता है। अत: इसमें भूमि पर स्थित सभी रेखाएँ वक्र मानी जाती है। ■ भू-पृष्ठीय सर्वेक्षण अधिक महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जाता है। ■ यह सर्वेक्षण 260 किमी.² से अधिक क्षेत्रफल वाले क्षेत्रों के लिए किया जाता है।